प्राथमिक विद्यालय सीतापुर में शिक्षकों की लेटलतीफी से बाधित पढ़ाई, नौनिहालों को करना पड़ा घंटों इंतजार

प्राथमिक विद्यालय सीतापुर में शिक्षकों की लेटलतीफी से बाधित पढ़ाई, नौनिहालों को करना पड़ा घंटों इंतजार

चकिया/चंदौली। प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। जनपद चंदौली के चकिया क्षेत्र अंतर्गत बीआरसी के सीतापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की लेटलतीफी के कारण पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है।

ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में तैनात शिक्षक निर्धारित समय से काफी देर बाद विद्यालय पहुंचते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में कुल तीन शिक्षकों की तैनाती है, जिनमें से एक शिक्षक अवकाश पर हैं। शेष दो शिक्षक भी निर्धारित समय के काफी देर बाद विद्यालय पहुंचे।

जानकारी के अनुसार शिक्षक रामजन्म और चिंता देवी करीब आधे घंटे देरी से विद्यालय पहुंचे। इस दौरान स्कूल पहुंचे नौनिहाल लंबे समय तक अपने गुरुजनों का इंतजार करते रहे। बच्चों को पढ़ाई शुरू होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की लेटलतीफी कोई नई बात नहीं है। आए दिन इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है, जिसके कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

एबीएसए की कार्यशैली पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। विशेष रूप से एबीएसए चकिया की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं की गई तो परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शिक्षकों की लेटलतीफी पर सख्ती नहीं बरती गई तो सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता जाएगा।