Chandauli News:चकिया की दो महिला प्रधानों का राष्ट्रीय सम्मान,गांव की सरकार से दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक बनाई पहचान,सिकंदरपुर व उतरौत की महिला प्रधानों को दिल्ली में मिला सम्मान,

विकास कार्यों के दम पर पंचायत से देशभर में बढ़ाया चंदौली का मान, गांव की सरकार से राष्ट्रीय पहचान तक, चकिया की दो महिला प्रधानों का सम्मान

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चकिया। विकास खंड की दो महिला ग्राम प्रधानों ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर जनपद का मान बढ़ाया है। पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय महिला पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन में ग्राम पंचायत सिकंदरपुर की प्रधान सीमा गुप्ता और ग्राम पंचायत उतरौत की प्रधान कंचन मोर्या (कंचन देवी) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

दोनों महिला प्रधानों के सम्मानित होने की खबर मिलते ही चकिया क्षेत्र सहित संबंधित गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया और बधाइयों का तांता लग गया।सम्मेलन में देशभर से पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 135 महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देना और पंचायतों में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। सम्मेलन में वूमेन एक्सीलेंस अवार्ड, दीनदयाल पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार और हमारी टीपी ग्राम पंचायत जैसी विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।सम्मान प्राप्त करने के बाद ग्राम प्रधान सीमा गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान पूरे सिकंदरपुर गांव के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पंचायत में विकास कार्यों को गति देने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आगे भी पूरी निष्ठा से कार्य किया जाएगा।
वहीं उतरौत गांव की ग्राम प्रधान कंचन मोर्या ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलने से गांवों के विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आई महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत सिकंदरपुर को बीते वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं। वर्ष 2023 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में मॉडल शौचालय निर्माण के लिए जिला स्तर पर पुरस्कृत किया गया।