श्रीगंगानगर की नायाब मिढ्ढा की आजाद कविताओं ने पूरे देश में मचाई धूम 

सक्सेस का कोई शोर्टकट नहीं होता - नायाब मिढ्ढा

श्रीगंगानगर पहुंची नायाब मिढ्ढा, मीडिया से हुई रू-ब-रू

श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर की रहने वाली नायाब मिढ्ढा ने अपनी आजाद कविताओं के माध्यम पूरे देश और दुनिया में श्रीगंगानगर का नाम रोशन किया है। वे आज श्रीगंगानगर में मीडिया से रू-ब-रू हुई, जहां अपनी सक्सेस स्टोरी साझा करते हुए नायाब ने कहा कि सक्सेस का कोई शोर्टकट नहीं होता। आज के युवाओं को केवल मेहनत पर और निरंतरता पर ध्यान देना चाहिए। कामयाबी एक दिन अपने आप मिल जायेगी। नायाब ने कहा कि शुरूआती दौर में वे इंफोसिस कंपनी में कार्यरत थीं, परंतु मन में कहीं ना कहीं कविताएं लिखने और सुनाने की इच्छा रही होने के कारण एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़ी और वहां से अन्य बड़े लेखकों के बहुत सारे शो अरेंज किये। इसके बाद मन में ये ख्याल आया कि मुझे लोगों के शो अरेंज नहीं करने बल्कि खुद की आजाद कविताओं के लिए मंच तलाशना है, जिसके लिए मैंने मुम्बई का रूख किया। 2019 में नायाब ने अपनी पहली कविता यूटयूब के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। परंतु बीच में कोविड के प्रकोप के चलते सब बीच में रह गया। नायाब ने बताया कि कोविड के पहले उन्होंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी और कविताओं का काम भी कोविड के चलते बंद हो गया। परंतु नायाब ने हार नहीं मानी और फिर से एक शुरूआत की और उनकी ?मुस्कुराओ? कविता ने पूरे इंटरनेट पर धूम मचा दी। जिसके बाद नायाब मिढ्ढा ने 11 से ज्यादा देशों में राजकुमारी के नाम से स्पोकन वर्ड पोयट्री के नये इतिहास को लिखते हुए 400 से ज्यादा कार्यक्रम किये, जिससे पुरी दुनिया के युवाओं में इस आजाद कविताओं के लिए नया मंच तैयार हुआ।
मीडिया टॉक में यूथ आइकॉन सौरभ जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया और नायाब मिढ्ढा का सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व सभापति श्रीमती करूणा चाण्डक, रोटरी कल्ब के डीजीई शिव शंकर वशिष्ठ, रोटे. प्रवीण नागपाल, राजकुमार जैन, सुरेश जैन, सूचना सहायक पूजा जैन, आदि अनेकों गणमान्य लोगों ने भी नायाब मिढ्ढा का नागरिक अभिनंदन किया। इस मीडिया टॉक में नायाब मिढ्ढा के पिता राजकुमार मिढ्ढा और उनके पति आयुष चंडोक विशेष रूप से उपस्थित रहे।