झाराडीह यार्ड में आरओबी निर्माण को मिली बड़ी सफलता, बो-स्ट्रिंग गर्डर की सफल लॉन्चिंग

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में अधोसंरचना और रेल संरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। झारसुगुड़ा-बिलासपुर मल्टीपल लाइन विद्युतीकृत सेक्शन के खरसिया छोर स्थित झाराडीह यार्ड में समपार फाटक संख्या 316 पर निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज के बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर की सफल लॉन्चिंग की गई।

4 अक्टूबर को किलोमीटर 624/06-10 पर आरओबी के गर्डर की लॉन्चिंग के लिए 2 घंटे 30 मिनट का पावर-कम-ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया। इस दौरान यात्रियों की सुविधा और रेल परिचालन को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय में कार्य पूरा किया गया। खास बात यह रही कि ब्लॉक के दौरान कई महत्वपूर्ण संरक्षा कार्य भी बिना अतिरिक्त ट्रेनों को प्रभावित किए पूरे किए गए।

इस दौरान खरसिया स्टेशन पर दो टीडब्ल्यूएस और दो टीडब्ल्यूएसईजे का इन्सर्शन किया गया। बाराद्वार स्टेशन पर एक डब्ल्यूसीएमएस का इन्सर्शन, आरओबी पर दो पॉइंट्स की टैम्पिंग तथा ड्यूमैटिक मशीन से 1,410 मीटर ट्रैक की टैम्पिंग का कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

रेलवे के अभियांत्रिकी, सिग्नल एवं दूरसंचार, टीआरडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों ने आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए समय पर पूरे किए।

आरओबी निर्माण से सड़क यातायात और रेल परिचालन की सुरक्षा एवं सुगमता में सुधार होगा। साथ ही यार्ड की परिचालन क्षमता बढ़ने के साथ ट्रैक की मजबूती, स्थायित्व और संरक्षा भी बेहतर होगी। यह परियोजना सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।