बिहार में गोदी पत्रकारों के साथ अन्य विपक्षी पार्टियों भी डीजीपी के कार्यकाल पर नजर रखते हैं , ऐसे मैं इसका सीधा प्रभाव विधि व्यवस्था कि स्थिति पर सकता , काफी कठिनाइयों की साबित हो सकती है डीज

बिहार के इतिहास में भले ही पहली बार ऐसा हुआ दिल्ली में बीएसएफ 

अधिकारियों के प्रभो मैं रहे आरएसएस भट्टी काफी सुर्खियो में बने रहें  , बिहार मैं नये डीजीपी कि बात चल रही थी भट्टी  कि चर्चा काफी कम प्रभाव शाली रहा ,दुसरी तरफ 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी राजविंदर सिंह भट्टी पुलिस महानिदेशक बना दिए गए और 1989  बैच के आईपीएस आलोक राज देखते ही रह गए ,

नियमानुसार वह एक ही पद है, जिसपर डीजीपी से ऊपर के बैच वाले परंपरा के तहत जाते रहे हैं।  

डीजीपी के समकक्ष डीजी के तीन पद, मगर विकल्प एक ही

बिहार में पुलिस महानिदेशक के समकक्ष डीजी के तीन पद माने जाते हैं, हालांकि नियम और परंपरा के अनुसार सिर्फ एक पद है डीजी- होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज। वैसे, दो और विकल्प माने जा सकते हैं। 1. डीजी- सिविल डिफेंस और 2. डीजी- पुलिस बिल्डिंग। होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज के डीजी पर अबतक वैसे लोग ज्यादा बैठाए जाते रहे हैं, जो डीजीपी से बैच में सीनियर रहे थे। 

अहम पद से शोभा अहोटकर को हटाना बड़ा-कड़ा फैसला


1990 बैच की शोभा अहोटकर दिसंबर 2020 से होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज के डीजी पद पर हैं। वह 1988 बैच के पूर्व डीजीपी संजीव कुमार सिंघल के समकक्ष काम करती रहीं और अब नए बैचमेट डीपीजी के साथ उनके समकक्ष पद पर बनी हुई थी 

बता दें, डीजीपी आरएस भट्टी सितंबर 2025 तक सरकारी सेवा में बने रहेंगे. मूल रूप से पंजाब के रहने वाले भट्टी 1990 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. साल 2021 में सितंबर में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली गए थे. 

बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है. कल 19 दिसंबर को पूर्व डीजीपी एस के सिंघल का कार्यकाल खत्म हो गया , 

भट्टी इससे पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पूर्वी कमान के एडीजी के पद पर कार्यरत थे.  

नए डीजीपी  राजविंदर सिंह भट्टी एक महिने के कार्यकाल मैं चौकाने वाले वदलाव किये 

एक तरफ राजद सुप्रीमो 


लालू प्रसाद यादव भारत के बिहार राज्य के राजनेता व राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष थे । वे 1990 से 1997 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बाद में उन्हें 2004 से 2009 तक केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में रेल मन्त्री का कार्यभार सौंपा गया था । 


नीतीश कुमार को बिहार की सियासत का 'चाणक्य' कहा जाता है. साल 2005 के बाद से लगातार बिहार के CM की कुर्सी पर बरकरार है , 

सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के  इशारे पर ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए डीजीपी  राजविंदर सिंह भट्टी  को चुने हैं यह बात काफी सुर्खियो में ही अंदर ही बनी रही ,

दुसरी तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना भरोसा तो आरएसएस भट्टी  पर जताया तो है लेकिन सरकार के भरोसे पर बिहार के डीजीपी भट्टी साहेब 
काफी प्रभावशाली नजर आ रहे उनके आते ही बिहार मैं कई जगह पर एसटीएफ कि टीम ने एक बड़ा काम किया हैं और काफी अच्छा 

काम कर रही है एसटीएफ कि टीम 

मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, 3 कारीगर पकड़े गए

 21 जनवरी 2023 ,

बिहार STF की बड़ी कार्रवाई, लखीसराय और पूर्णिया से दो कुख्यात गिरफ्तार; हथियार और गोली भी बरामद

पटना पुलिस ने शनिवार को एक साथ तीन आपराधिक मामलों का खुलासा किया। SSP मानवजीत सिंह ढिल्लों के मुताबिक धनरुआ में पिछले कुछ दिनों से एक मिनी गन फैक्ट्री चल रही थी। जिसका खुलासा हुआ है। 3 कारीगर पकड़े गए हैं। जबकि, 2 लोगों की तलाश चल रही है।

वहीं, परसा बाजार में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या का खुलासा हुआ है। इस मामले में साजिशकर्ता समेत 9 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। 5 लाख की सुपारी हत्या के लिए तय की गई थी। इसी तरह 17 जनवरी को रामकृष्णा नगर में सन्नी नाम के युवक की उसी के घर में घुसकर की गई हत्या का भी आज खुलासा हो गया है। कुल 3 अपराधी पकड़े गए हैं। 

बिहार के एडीजी जीएस गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 9 जनवरी को सारण के मशरख थाना क्षेत्र के बगरा गांव में एक व्यक्ति के घर छापेमारी की थी. इस छापेमारी में आरोपी के घर से भारी संख्या में हथियार बनाने के उपकरण के साथ कई अर्धनिर्मित हथियारों को भी बरामद किया गया था  ,

बिहार STF को आज दो बड़ी कामयाबी मिली है. पहली कामयाबी एसटीएफ (STF) ने भागलपुर जिला के कहलगांव थानांतर्गत सिंचाई कॉलोनी में छापामारी कर मिनीगन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है. वहीं, दूसरी तरफ सीवान पुलिस की सहयोग से दुर्दांत अपराधी मो. फैसल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है.

बताते चलें कि पहली कार्रवाई के दौरान STF ने भागलपुर के कहलगांव थानांतर्गत सिंचाई कॉलोनी में छापेमारी कर मिनीगन फैक्ट्री का उद्भेदन किया. इस कार्रवाई के दौरान STF ने चार हथियार तस्कर जिसमें चन्द्रशेखर यादव, प्रेम राज उर्फ सोनू कुमार निराज अंसारी और बिट्टू उर्फ अनवर खान को दबोच लिया है. बताते चलें कि अनवर मुंगेर जिला के कोतवाली थाना क्षेत्र का रहने वाला है और यह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पिछले काफी समय से अवैध हथियार बनाया करता है. 
 
 बिहार के राज्य सरकार ने बिहार के डीजीपी पर भरोसा जताया है पर दूसरी तरफ गोदी मीडिया जो अन्य पार्टी से पत्रकारिता कर रहे वह आरएसएस भट्टी के भेतर कार्यकाल पर नाराजगी जता रहे हैं , क्यों आरएसएस भट्टी बिहार में विधि व्यवस्था पर काफी प्रभावशाली नजर आ रहे हैं,


बिहार में पहली बार ऐसा अनोखा अंदाज  आरएसएस भट्टी साहेब का निर्णय काफी प्रभावशाली नजर आ रहा है ,

बिहार पुलिस के इतिहास में भले ही नहीं हुआ पर कुछ न्यू भी होनी चाहिए ताकि बिहार में कुछ पुलिस अधिकारी बेहतर काम कर सकते ,

अब जिले  एसपी और एसएसपी से डीजीपी साहेब सीधे बात करना संभव नही समझते है ।

वर्तमान डीजीपी  आर एस भाटी साहब कुछ दिन पहले ही विडियो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी डीआईजी और आईजी के माध्यम से निर्देश का अनुपालन कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं सच्चाई पर विश्वास करें तो नए डीजीपी अरे भाटी साहब ने किसी भी जिले के एसपी और एसएस पी को या रेंज के डीआईजी को या आईजी को अपना सरकारी नंबर नही दिया है । डीजीपी से सीधे तौर पर कोई भी जिले के एसएसपी और एसपी अब बात करना या किसी बड़े मामले मैं भी यह संभवत प्रातीत नही हो रहा है ,ऐसे मैं सुर्खियो मैं कई आईपीएस अधिकारी नाराजगी जताई जा रही हैं , बिहार पुलिस के नजर में ही नहीं बिहार में पहली बार किसी डीजीपी ने यह निर्णय लिया हैं , बिहार में गोदी पत्रकारों के साथ अन्य विपक्षी पार्टियों  भी डीजीपी के कार्यकाल पर नजर रखते हैं , ऐसे मैं इसका सीधा प्रभाव विधि व्यवस्था कि  स्थिति पर सकता , काफी कठिनाइयों की साबित हो सकती है डीजीपी साहब को बिहार कि गतिविधि पर नजर बनाई रखनी होगी ,