400 किलो जमीन में दफन, बाजार में पहुंचा पनीर कौन निगलेगा? ‘सफेद जहर’ के खेल ने बढ़ाई चिंता

कासगंज। त्योहार से पहले पनीर की बढ़ती मांग के बीच सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में 400 किलो खराब गुणवत्ता का पनीर पकड़े जाने से बाजार में हलचल मच गई। सेलई रोड स्थित ओम साक्षी डेयरी के कारखाने पर हुई कार्रवाई में बरामद पनीर को मौके पर गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया गया। टीम ने पनीर के 11 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर पकड़े जाने के बाद अब बाजार में बिक रहे पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

400 किलो पनीर तो विभाग की कार्रवाई में पकड़ में आ गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बाजार में पहले से बिक रहे पनीर की जांच कौन करेगा। दुकानों और मिठाई की दुकानों पर बिक रहे पनीर की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो खराब या दूषित पनीर लोगों की थाली तक पहुंच सकता है। इससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। त्योहार के दिनों में पनीर और उससे बनी मिठाइयों की खपत बढ़ने के कारण यह चिंता और गंभीर हो जाती है।

सोमवार की कार्रवाई से महज 12 दिन पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने सलेमपुर बीबी रोड स्थित अशोक नगर की राधा डेयरी पर कार्रवाई की थी। 12 अगस्त की रात वहां अलीगढ़ से लाई गई करीब 200 किलो खराब और दुर्गंधयुक्त पनीर की खेप पकड़ी गई थी। उसका नमूना जांच के लिए भेजा गया था और बाकी पनीर मौके पर नष्ट करा दिया गया था।

दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर 12 दिन में 600 किलो पनीर पकड़ा जा चुका है। इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी मात्रा में खराब गुणवत्ता का पनीर सामने आने के बाद सवाल यह भी है कि जिले में पनीर की सप्लाई और बिक्री का दायरा कितना बड़ा है और बाजार में बिक रहे पनीर की नियमित जांच कितनी हो रही है। खासकर त्योहार के समय, जब पनीर और उससे बनने वाली मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, तब बाजार में आने वाले पनीर की जांच और निगरानी और जरूरी हो जाती है।

12 अगस्त की कार्रवाई के बाद इस मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के दौरान जमीन में दबाकर नष्ट कराया गया पनीर टीम के जाने के बाद दोबारा निकलवाकर बाजार में बेच दिया गया। शिकायत में एक अधिकारी पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया गया था। इन आरोपों को लेकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

ऐसे में सोमवार की कार्रवाई ने पनीर की गुणवत्ता को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। एक तरफ 400 किलो पनीर जमीन में दफन कर दिया गया, दूसरी तरफ सवाल यह है कि बाजार में बिक रहे पनीर की जांच कब और कैसे होगी। यदि किसी इलाके में खराब गुणवत्ता का पनीर बड़ी मात्रा में पकड़ा जा रहा है तो केवल त्योहार के समय कार्रवाई के बजाय नियमित रूप से डेयरियों, पनीर बनाने वाले प्रतिष्ठानों, दुकानों और मिठाई की दुकानों से नमूने लेने की जरूरत भी सामने आ रही है।

12 दिन में 600 किलो पनीर की कार्रवाई के बाद अब सोमवार को लिए गए 11 नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद पनीर में किस स्तर की खामी थी और संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।