ट्रेन से घर नहीं पहुंचा युवक, जीआरपी ने तलाश कर परिजनों को सौंपा

कासगंज। ट्रेन से घर के लिए निकला 35 वर्षीय युवक रास्ते में लापता हो गया। परिजनों की शिकायत पर सक्रिय हुई जीआरपी कासगंज ने तलाश शुरू कर युवक को अगले ही दिन एटा के कुरामई गांव से सकुशल बरामद कर लिया। युवक वहां मजदूरी कर रहा था। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

मोहल्ला सराय अहमद खां, थाना मारहरा, एटा निवासी रामबाबू ने 20 अगस्त को जीआरपी कासगंज थाने में अपने बेटे सुरेश कुमार की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 35 वर्षीय सुरेश रेलवे स्टेशन मारहरा से कासगंज जाने के लिए ट्रेन में बैठा था, लेकिन इसके बाद घर नहीं पहुंचा।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी कासगंज ने टीम गठित कर युवक की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने सर्विलांस के साथ ही अपने स्तर से पतारसी-सुरागरसी की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सुरेश के एटा के थाना मिरहची क्षेत्र के गांव कुरामई में होने की जानकारी मिली।

जीआरपी टीम ने शुक्रवार सुबह करीब सात बजे कुरामई गांव पहुंचकर सुरेश को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में सुरेश ने बताया कि वह लेंटर डालने के काम में मजदूरी करता है। गांव में अशोक के घर पर लेंटर का काम चल रहा था, इसलिए वह वहीं रुक गया था। उसने बताया कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है और लेंटर का काम रात के समय अधिक होने के कारण वह घर पर इसकी सूचना नहीं दे सका।

पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद सुरेश को उसकी सहमति से उसके पिता रामबाबू के सुपुर्द कर दिया। बेटे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने जीआरपी कासगंज पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस टीम की सराहना की।

युवक को बरामद करने वाली टीम में थानाध्यक्ष कोमल कुंतल, उपनिरीक्षक विपिन कुमार और कांस्टेबल 227 विवेक कुमार शामिल रहे।