दुश्मनी का वदला लेने के लिए अपनी वेटी की हत्या कर रची साजिश।

पीलीभीत में दुश्मन को फंसाने को नौ साल की बेटी की हत्या में पिता को अंतिम सांस तक उम्रकैद, चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई दुश्मन को फंसाने के लिए रची थी खौफनाक साजिश, नींद की गोली देकर ईंट और चाकू से की थी हत्या; सभी पर 22-22 हजार जुर्माना

पीलीभीत यूपी। अमरिया थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में नौ साल की मासूम अनम की बेरहमी से हत्या करने के मामले में अदालत ने उसके पिता समेत पांच दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-3/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट विजय कुमार हिमांशु की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए पिता अनीश को अंतिम सांस तक जेल में रहने वाली आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चार अन्य दोषियों शादाब, नसीम, सलीम और शहजादे को भी आजीवन कारावास से दंडित किया गया। सभी पर कुल 1,10,000 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।फैसला सत्र परीक्षण संख्या 671/2023, राज्य बनाम शादाब थाना अमरिया में सुनाया गया।दुश्मन को फंसाने के लिए बेटी की हत्या की साजिश मामले में वादी मुकदमा खुद अनम का पिता अनीश था। तीन दिसंबर 2022 को उसने पुलिस को तहरीर देकर बेटी के उर्स मेले से लापता होने की सूचना दी थी। शुरुआत में पुलिस ने उसकी रिपोर्ट पर कार्रवाई की, लेकिन विवेचना आगे बढ़ने पर पूरा मामला उल्टा निकला।जांच में सामने आया कि अनीश और उसके भाई शादाब के खिलाफ गांव के ही साकिल ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में वारंट जारी होने के बाद आरोपी पक्ष साकिल से मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था। मुकदमा वापस न लेने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई। इसी साजिश में अनम की हत्या कर उसका आरोप साकिल पर लगाने की योजना बनाई गई।नींद की गोली खिलाई, ईंट से हमला कर चाकू से गोदा अभियोजन के अनुसार, दो दिसंबर 2022 को शादाब, अनीश और नसीम अनम को सरेंदा पट्टी के उर्स मेले में ले गए। शाम को लौटते समय उसे इरशाद के बाग के रास्ते चकरोड के पास खेत में ले जाया गया। वहां पराली पर बैठाकर उसे नींद की गोली खिलाई गई।अनम के बेहोश होने के बाद आरोपियों ने उसे पराली पर लिटा दिया। बाद में जब वह होश में आने लगी तो अनीश ने ईंट से उसके सिर पर वार किया। इसके बाद चाकू से उसके पेट पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई। शव को नैम के गेहूं के खेत में पराली से ढककर छिपा दिया गया। आरोपियों ने घर लौटकर खून से सने कपड़े छिपा दिए और खुद ही बेटी के लापता होने की सूचना पुलिस को देकर जांच को गुमराह करने का प्रयास किया।अदालत में अभियोजन ने यह भी बताया कि जब अनम गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी, तब उसके पिता अनीश को उसके जीवित होने की जानकारी थी। इसके बावजूद उसे अस्पताल ले जाने के बजाय वह घायल बेटी का वीडियो बनाता रहा। अदालत ने इस आचरण को भी गंभीरता से लिया।