पीलीभीत में अमरिया थाना के चर्चित अनम हत्याकांड के पांच हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा. पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन में  तत्कालीन थाना प्रभारी अमरिया/विवेचक मुकेश शुक्ला की प्रभावी पै

राजेश गुप्ता
लोकेशन/पीलीभीत
संपर्क सूत्र 9719672920


पीलीभीत में अमरिया थाना के चर्चित अनम हत्याकांड के पांच हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा.

पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन में तत्कालीन थाना प्रभारी अमरिया/विवेचक मुकेश शुक्ला की प्रभावी पैरवी के चलते हत्यारे पिता,दादा और तीन चाचाओं को आजीवन कारावास।


पुलिस अधीक्षक पीलीभीत सुकीर्ति माधव के निर्देशन में जनपद पुलिस की प्रभावी पैरवी से हत्या के मुकदमा में 05 हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 02.12.2022 को प्राप्त सूचना के आधार पर थाना अमरिया पर मु0अ0सं0 392/2022 धारा 302, 149, 201, 120(B) IPC पंजीकृत किया गया था।दर्ज मुकदमा की विवेचना तत्कालीन प्रभारी थाना अमरिया मुकेश शुक्ला के द्वारा संपादित की जा रही थी।
गहन विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्य एवं सुबूतों के आधार पर आरोपित गण शादाब,अनीश,नसीम,सलीम पुत्रगण शहजादे एवं शहजादे पुत्र गुलाबशाह,समस्त निवासीगण ग्राम माधौपुर, थाना अमरिया, जनपद पीलीभीत के विरुद्ध दिनांक 01.04.2023 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया।
प्रकरण में जनपदीय पुलिस के द्वारा प्रभावी पैरवी की गई जिससे माननीय न्यायालय ADJ-3,जनपद पीलीभीत, विजय कुमार हिमांशु के समक्ष अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र कुमार,मुकदमा के विवेचक इंस्पेक्टर मुकेश शुक्ला एवं पैरोकार का0 आज्ञाराम द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए विचारण की कार्यवाही संपन्न कराई गई।
विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 24.08.2026 को धारा 302,149,201,120(B)ipc के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए सभी हत्या आरोपियों को आजीवन कारावास एवं कुल 58,000/- रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

यहां आपको बता दें
आरोपियों ने अपने पड़ोसी शकील को मुकदमे में फसाने के लिए अपनी बेटी की निर्मम हत्या कर नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।

दर्जनों घटनाओं का सफल खुलासा करने वाले तत्कालीन प्रभारी थाना अमरिया में तैनात इंस्पेक्टर मुकेश शुक्ला ने दर्ज मुकदमा की विवेचना कर मासूम बच्ची की हत्या करने वाले उसके ही पिता,दादा और तीन चाचाओं को गिरफ्तार किया था।

आज सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

आपको बता दे,

*2 दिसंबर 2022* शाम करीब 6 बजे - 10 साल की अनम पुत्री अनीस अपने चाचा शादाब और चचेरी बहन के साथ माधोपुर गांव से पड़ोस के गांव *सरैंदा पट्टी में उर्स मेला* देखने गई थी।

*3 दिसंबर 2022* सुबह - उसका शव माधोपुर के ही गेहूं के खेत में खून से लथपथ मिला था।

*क्या खुलासा हुआ था:*
पिता अनीस ने गांव के ही *शकील के खिलाफ रंजिशन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी*, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश शुक्ला के द्वारा की गई विवेचना जांच में नामजदगी झूठी निकली।

*5 दिसंबर 2022* को एसपी दिनेश कुमार प्रभु ने प्रेस वार्ता कर बताया कि हत्या पड़ोसी शकील को फंसाने के लिए ही की गई थी। पुलिस ने बच्ची के ही परिवार के *5 लोगों - पिता अनीस, दादा शहजादे, और तीन चाचा शादाब, नसीम, सलीम को गिरफ्तार* कर जेल भेजा।

हत्या में प्रयुक्त चाकू, ईंट, खून से सने कपड़े भी बरामद हुए थे।
पुलिस ने बताया कि पुरानी मुकदमेबाजी की रंजिश के चलते शकील को फंसाने के लिए साजिश रची गई थी।