रेलवे के सहयोग से जम्मू-कश्मीर के सेब व्यापार को मिलेगा नया आयाम, व्यापारियों ने जताया आभार

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र को रेलवे से जोड़कर सेब व्यापार को नई गति देने की दिशा में जम्मू मंडल ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। आगामी सेब सीजन में सेब की सुरक्षित, समयबद्ध और किफायती ढुलाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रीनगर के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने जाबलीपोरा फल मंडी में सेब व्यापारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सहित करीब 20 प्रमुख सेब व्यापारी शामिल हुए।

बैठक में व्यापारियों को रेलवे के माध्यम से सेब की ढुलाई के लाभों की जानकारी दी गई। व्यापारियों ने रेलवे की सेवाओं की सराहना करते हुए बताया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक कारणों से सड़क संपर्क बाधित होने के दौरान रेलवे ने पार्सल वैन और बीसीएन के माध्यम से सेब की त्वरित ढुलाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे जम्मू-कश्मीर के सेब को देश के विभिन्न हिस्सों तक समय पर पहुंचाने में मदद मिली।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले सेब सीजन में शुरू की गई जेपीपी-आरसीएस पार्सल ट्रेन का संचालन काफी सफल रहा और इससे सेब व्यापारियों को बड़ा लाभ मिला। रेलवे ने किसानों और व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में रेल परिवहन से जुड़ने तथा उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खराब मौसम और भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने से सेब व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रेलवे परिवहन से सेब को सुरक्षित तरीके से निर्धारित समय में देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके साथ ही रोल ऑन/रोल ऑफ नीति के तहत उपलब्ध सुविधाओं और उनके लाभों की भी जानकारी दी गई।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि रेलवे जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्सल वैन जैसी सुविधाओं के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के सेब को राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर रेक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

रेलवे की इस पहल से सेब उत्पादकों और व्यापारियों को परिवहन का भरोसेमंद विकल्प मिलने के साथ ही समय और लागत की बचत होने की उम्मीद है। इससे जम्मू-कश्मीर के सेब व्यापार को नई गति मिलने तथा किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग भी मजबूत होगा।