मां वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू, ताराकोट मार्ग और बैटरी कार सेवा बहाल होने से श्रद्धालुओं में उत्साह

मां वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू, ताराकोट मार्ग और बैटरी कार सेवा बहाल होने से श्रद्धालुओं में उत्साह

खराब मौसम के बाद श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत, सुरक्षा जांच के बाद यात्रा मार्ग सुचारू ? जयकारों से गूंजा त्रिकूट पर्वत

कटड़ा। खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण बुधवार रात अस्थायी रूप से रोकी गई मां वैष्णो देवी की यात्रा वीरवार सुबह एक बार फिर पूरी तरह उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो गई। यात्रा बहाल होते ही कटड़ा में श्रद्धालुओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में भक्त माता के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना हुए।

श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच और मार्ग की सफाई के बाद नए ताराकोट मार्ग को भी फिर से खोल दिया गया। बुधवार को इस मार्ग पर भारी भूस्खलन के बाद श्राइन बोर्ड ने तत्काल मशीनरी लगाकर चट्टानों और मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया था। पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद मार्ग को श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।

इसी के साथ बैटरी कार सेवा भी वीरवार को बहाल कर दी गई। इससे ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिली। फिलहाल बैटरी कार मार्ग पर पैदल आवाजाही को सुरक्षा कारणों से सीमित रखा गया है। पारंपरिक यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार सुचारू बनी रही।

घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सेवा भी उपलब्ध

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पारंपरिक मार्ग पर घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सेवाएं लगातार उपलब्ध रहीं। कटड़ा से भवन के लिए हेलीकॉप्टर सेवा वीरवार सुबह कुछ समय तक संचालित हुई, लेकिन त्रिकूट पर्वत पर बादलों का घना जमाव बढ़ने के कारण इसे बाद में अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

मां के दिव्य दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के लिए भवन से भैरव घाटी तक रोपवे सेवा भी उपलब्ध रही। इससे भक्तों ने बाबा भैरवनाथ के दर्शन कर अपनी यात्रा को पूर्ण किया।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस

श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी एवं जवान तैनात रहे। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की गई। श्राइन बोर्ड के एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र से भी यात्रा मार्ग और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।

मौसम में सुधार के बाद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह हल्की बारिश के बाद दिनभर बारिश नहीं हुई, हालांकि आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के बीच भक्तों ने ?जय माता दी? के जयकारों के साथ यात्रा जारी रखी।

शाम चार बजे तक 13 हजार श्रद्धालु भवन की ओर रवाना

वीरवार 20 अगस्त को शाम चार बजे तक करीब 13 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहा। प्रशासन और श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने तथा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

यात्रा की बहाली, ताराकोट मार्ग और बैटरी कार सेवा के दोबारा शुरू होने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। सुरक्षा, सुविधा और श्रद्धा के संग मां के दरबार की ओर बढ़ते कदमों से कटड़ा और त्रिकूट पर्वत एक बार फिर ?जय माता दी? के जयकारों से गूंज उठा।