दिव्यांगजनों को रोजगार का अवसर, प्रयागराज मंडल के 28 स्टेशनों पर ओएसओपी स्टॉल के लिए आवेदन आमंत्रित

प्रयागराज। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयागराज मंडल ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन के निर्देशन में ?एक स्टेशन एक उत्पाद? (ओएसओपी) योजना के तहत दिव्यांगजनों को स्टॉल और ट्रॉली आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।

योजना के अंतर्गत प्रयागराज मंडल के 28 स्टेशनों पर 39 ओएसओपी स्टॉल/ट्रॉलियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी। सभी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं, लेकिन स्टॉल आवंटन में दिव्यांगजनों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

इन स्टेशनों में सोनभद्र, मिर्जापुर, विंध्याचल, चुनार, मानिकपुर, प्रयागराज-छिवकी, प्रयागराज, सूबेदारगंज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, पनकीधाम, कानपुर अनवरगंज, फफूंद, मैनपुरी, हाथरस, अलीगढ़, भोगांव, अछल्दा, झींझक, रूरा, भरथना, दादरी, डावर, इटावा, खुर्जा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद एवं टूंडला शामिल हैं।

आवेदन के लिए संबंधित स्टेशन के स्टेशन मास्टर के नाम प्रार्थना पत्र देना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड और दिव्यांगजन प्रमाणपत्र की प्रति लगाना अनिवार्य है। खाद्य उत्पादों की बिक्री के लिए आवेदन करने वालों को वैध एफएसएसएआई प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

प्रयागराज, प्रयागराज-छिवकी, मिर्जापुर, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, इटावा, टूंडला, फतेहपुर एवं सूबेदारगंज स्टेशनों पर पंजीकरण शुल्क 2,000 रुपये प्रतिमाह, जबकि अन्य स्टेशनों पर 1,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। न्यूनतम 15 दिनों के लिए शुल्क क्रमशः 1,000 और 500 रुपये तथा तीन माह के लिए 6,000 और 3,000 रुपये निर्धारित है।

स्टॉल या ट्रॉली का आवंटन अधिकतम तीन माह के लिए किया जाएगा। प्रत्येक शिफ्ट में एक स्टॉल पर अधिकतम दो सेल्समैन कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा 60 यूनिट तक विद्युत प्रभार रेलवे द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

रेलवे की इस पहल से दिव्यांगजनों को स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को भी अपने उत्पादों के लिए रेलवे स्टेशनों के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। योजना को सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयागराज मंडल का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।