रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए 19,700 किलोमीटर हिस्से में बाड़, पत्थरबाजी रोकने को जागरूकता अभियान तेज

भारतीय रेलवे ने रेल संचालन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए देशभर में रेलवे ट्रैक के किनारे करीब 19,700 किलोमीटर हिस्से में सुरक्षा बाड़ लगा दी है। इसका उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश को रोकना, मवेशियों और अन्य लोगों को ट्रैक पार करने से रोकना तथा ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है।

रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा के लिए ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रहा है। संवेदनशील और चिन्हित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमित अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी

रेलवे द्वारा चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में शराबियों, उपद्रवी तत्वों और अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। ट्रेनों के साथ चलने वाले कर्मचारियों को भी ऐसे स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पत्थरबाजी या तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आती रही हैं।

रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाली आबादी को चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने के खतरों और इसके गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए ऑपरेशन साथी सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

आरपीएफ और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय

पत्थरबाजी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ नियमित समन्वय किया जाता है। संवेदनशील स्थानों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा करने के साथ घटनाओं का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा और निगरानी के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समितियों का भी गठन किया गया है।

19,700 किलोमीटर ट्रैक पर सुरक्षा बाड़

रेलवे के अनुसार अब तक देशभर में रेलवे ट्रैक के किनारे करीब 19,700 किलोमीटर लंबाई में सुरक्षा बाड़ लगाई जा चुकी है। इसमें बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में स्थित रेलखंड शामिल हैं।

इसके अलावा पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए सबवे में भी सुरक्षा बाड़ लगाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि मवेशियों, पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों को निर्धारित मार्ग से सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

रेलवे के अनुसार रेल संचालन में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा, निगरानी और जनजागरूकता के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।