दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा, महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने हाइड्रोलिक रेल टैम्पिंग मशीन का देखा प्रदर्शन

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा, महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने हाइड्रोलिक रेल टैम्पिंग मशीन का देखा प्रदर्शन

YD-22II मशीन से ट्रैक अनुरक्षण में बढ़ेगी सटीकता, गुणवत्ता और कार्यक्षमता, सुरक्षित एवं सुचारु रेल परिचालन को मिलेगा बल

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ट्रैक अनुरक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इसी क्रम में महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने रविवार को बिलासपुर के सेलून साइडिंग यार्ड में YD-22II हाइड्रोलिक रेल टैम्पिंग मशीन की कार्यप्रणाली के प्रदर्शन का अवलोकन किया।

प्रदर्शन के दौरान महाप्रबंधक को मशीन की तकनीकी विशेषताओं, कार्यप्रणाली तथा ट्रैक अनुरक्षण में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मशीन के माध्यम से रेलवे ट्रैक में गिट्टी की प्रभावी टैम्पिंग तथा ट्रैक की ज्यामिति को बेहतर बनाए रखने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक हाइड्रोलिक टैम्पिंग मशीनों के उपयोग से ट्रैक अनुरक्षण कार्यों में सटीकता, गुणवत्ता और कार्यक्षमता में सुधार होता है। इससे ट्रैक की बेहतर स्थिति बनाए रखने में सहायता मिलती है और रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारु एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य अभियंता अवनीश कुमार पाण्डेय, मुख्य ट्रैक अभियंता अखिलेश साहू तथा वरिष्ठ मंडल अभियंता अरविंद विश्वकर्मा ने मशीन के संचालन एवं ट्रैक अनुरक्षण में इसके महत्व की जानकारी दी।

महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने मशीन की कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए आधुनिक तकनीक एवं उन्नत मशीनरी के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने ट्रैक अनुरक्षण कार्यों को और अधिक दक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।

प्रदर्शन के दौरान अपर महाप्रबंधक विजय कुमार, मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन, मुख्य अभियंता (प्लानिंग एवं डिजाइन)देव राज, मुख्य अभियंता (ट्रैक मशीन) नीरज कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) जे.एस. मीना, महाप्रबंधक के सचिव प्रदीप मिश्रा, उप महाप्रबंधक (सा.) समीर कांत माथुर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आधुनिक मशीनरी और उन्नत तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ट्रैक अनुरक्षण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुचारु और भरोसेमंद रेल यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।