मंडलपारा भाग-दो में भूमि निस्तार का संकट, ग्रामीण परेशान सालों पुराना आवागमन मार्ग बंद होने का आरोप, शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

बैकुंठपुर। जिला मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मंडलपारा भाग-दो में भूमि निस्तार (आवागमन) की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से उपयोग में आ रहे रास्ते पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर मकान बना लिए जाने के कारण आवागमन का मार्ग लगातार बाधित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1946-47 से देवशरण घर से मुख्य सड़क तक जाने के लिए करीब 10 फीट चौड़े कच्चे रास्ते का उपयोग किया जाता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस मार्ग से लोगों का आवागमन होता रहा, लेकिन बाद में कुछ लोगों द्वारा रास्ते की भूमि पर कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया। आरोप यह भी है कि शासकीय नलकूप को भी कब्जे में ले लिया गया है।

शिकायतों के बाद भी नहीं निकला रास्ता

ग्रामीणों का कहना है कि मामले को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर कोरिया कलेक्टर कार्यालय और अनुविभागीय राजस्व कार्यालय तक कई बार शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों ने भूमि निस्तार की जांच कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका दावा है कि शिकायतों का पुलिंदा सौ पन्नों से अधिक हो चुका है, बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों के मुताबिक राजस्व विभाग के आरआई और पटवारी द्वारा मौके पर जांच भी की गई, लेकिन जांच के बाद भी आवागमन के लिए कोई स्पष्ट निस्तार नहीं निकाला जा सका। अब स्थिति यह है कि पुराने रास्ते को पूरी तरह बंद किए जाने की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके की निष्पक्ष जांच कर पुराने आवागमन मार्ग की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, शासकीय भूमि और नलकूप पर यदि अवैध कब्जा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा ग्रामीणों के लिए स्थायी निस्तार मार्ग सुनिश्चित किया जाए।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान नहीं होने से रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी हो रही है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा तीखी दैनिक अखबार की रिपोर्टिंग शैली में, शीर्षक और उपशीर्षक के 3?4 विकल्पों के साथ भी तैयार कर सकता हूं।