संयुक्त कृषि निदेशक ने फतेहपुर में योजनाओं, उर्वरक वितरण और हाईटेक हब का किया निरीक्षण

फतेहपुर। प्रयागराज मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने 5 और 6 अगस्त को फतेहपुर का दौरा कर कृषि विभाग की योजनाओं और उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग, पीसीएफ, इफको और थोक उर्वरक विक्रेताओं के साथ खाद की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की गई। संयुक्त कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग न की जाए। उन्होंने कहा कि अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बी-पैक्स गाजीपुर और सहकारी संघ गाजीपुर में स्टॉक का सत्यापन किया गया। स्टॉक सही मिला, लेकिन बिक्री रजिस्टर में किसानों के हस्ताक्षर न होने पर संबंधित विक्रेताओं को चेतावनी दी गई। वहीं सहकारी संघ गाजीपुर के उर्वरक गोदाम के बाहर जलभराव और कीचड़ पर नाराजगी जताते हुए तत्काल व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। संयुक्त कृषि निदेशक ने सत्यम ट्रेडिंग कंपनी और लालता ट्रेडर्स के उर्वरक गोदामों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि डीएपी और यूरिया जैसे अधिक मांग वाले उर्वरक गोदामों में रखने के बजाय बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाएं। दौरे के दौरान उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत असोथर ब्लॉक की लिलरा परियोजना का निरीक्षण कर अधूरे कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तेलियानी ब्लॉक के सलेमाबाद स्थित हाईटेक हब में लाभार्थी विजय कुमार द्वारा खरीदे गए कृषि यंत्रों का भी सत्यापन किया गया। इसके अलावा मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण कर समयबद्ध जांच और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।