72 घंटे में केवल 9 घंटे बिजली: आक्रोशित जनता ने बहुआ पावर हाउस घेरा, जिला मुख्यालय घेराव की चेतावनी

गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में बिजली संकट के खिलाफ हुंकार; अधीक्षण अभियंता ने एक घंटे में आपूर्ति कराने और शीघ्र जर्जर तार बदलने का दिया आश्वासन

बहुआ पावर हाउस के अत्यधिक लोड को कम करने के लिए राधानगर से कुछ फीडरों पर पहुंचाई जाएगी बिजली,स्थाई समाधान की प्रक्रिया गतिमान, एसई ने गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक अध्यक्ष हेमलता पटेल को बताया, समस्या का होगा निवारण

बहुआ।फतेहपुर जनपद के नगर पंचायत बहुआ स्थित पावर हाउस में सोमवार को क्षेत्रवासियों के सब्र का बांध टूट गया। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच बीते 72 घंटों में मात्र 9 घंटे बिजली मिलने से त्रस्त ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में उपकेंद्र पहुंचे उपभोक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और भ्रष्ट बिजली व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान हेमलता पटेल ने मौके से ही अधीक्षण अभियंता को फोन कर जमीनी हकीकत से अवगत कराया और कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आधे घंटे बिजली देकर 33 हजार वोल्ट लाइन में फॉल्ट का बहाना बनाया जाता है और फिर लगातार 6-6 घंटे कटौती कर दी जाती है। इस भीषण गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग बेहाल हैं, वहीं किसानों की फसलें सूख रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में तत्काल सुधार न हुआ, तो बहुत जल्द भारी तादात में फतेहपुर स्थित जिला बिजली मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।जनता के आक्रोश को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने स्थिति की गंभीरता से सहमति जताई और बताया कि दरवेशबाद वाली लाइन पर अत्यधिक लोड कम करने के लिए राधानगर बिजली केंद्र से कुछ फीडरों को संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने हेमलता पटेल की मांग पर दरवेशबाद लाइन के जर्जर तारों को बदलने तथा 1 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कराने का भरोसा दिया। इसके साथ ही, दूरभाष पर कनिष्ठ अभियंता (JE) को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपनी ड्यूटी बहुआ उपकेंद्र में ही रहकर निभाएं और व्यवस्था को पूरी तरह से लाइनमैनों के भरोसे न छोड़ें।उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत बहुआ स्थित इस उपकेंद्र से कुल 8 मुख्य फीडर?ललौली, बड़ा गांव, थवईश्वर (थवई), पथरी, दतौली, बहुआ (टाउन), शाह, पखरौली और मुतौर संचालित होते हैं। इन फीडरों के माध्यम से बहुआ कस्बा, ललौली, शाह, मुत्तौर, दतौली, ओती, भादर, उरौली और पखरौली समेत लगभग 56 से 60 ग्रामीण क्षेत्रों व गांवों के करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है, जो वर्तमान में इस घोर बिजली संकट से जूझ रहे हैं।