बाघ ने बकरी चरा रहे एक अधेड़ पर हमला कर किया बुरी तरह से जख्मी।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।गुरुवार की दोपहर जंगल के समीप बकरी चराने के क्रम में जंगल से निकलकर एक बाघ ने अचानक वाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र के बिसहा गांव निवासी अकलू यादव उम्र लगभग 65 वर्ष पिता स्व. मथुरा यादव पर हमला कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया।घटना वीटीआर वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के हाथी मलखनता कक्ष संख्या टी 36 के निकट की है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक अकलू यादव हाथी मलखनता के निकट अपने बकरियों को चरा रहे थे ।तभी अचानक से जंगल से निकल कर एक रॉयल बंगाल टाइगर उन पर हमला बोल दिया।जिसमें अकलू यादव के दोनों हाथ और पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया।मौके पर मौजूद अपने डियूटी में तैनात वन विभाग के टाइगर टेकरों की टीम की सूझ बुझ से अकलू यादव की जान बच सकी।अन्यथा कोई बड़ी घटना घटित हो सकती थी।बाघ के हमले की सूचना पाते ही ग्रामीण और परिजन घटना स्थल पर पहुंच कर जख्मी व्यक्ति को वाल्मीकि नगर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। जहां मौके पर मौजूद डॉ कुंदन कुमार, डॉ विकास कुमार,जीएनएम आरती कुमारी,नंदकिशोर सैनी, एनएम रूबी कुमारी,दीप्ति शर्मा,परिचर विनय कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मीयों की टीम जख्मी अकलू यादव का प्राथमिक उपचार करने के उपरांत गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा भेज दिया गया।मौके पर मौजूद डॉ कुंदन ने बताया कि बाघ ने हमला कर अधेड़ व्यक्ति को बुरी तरह जख्मी कर दिया है।जिसमें दाहिने हाथ की हड्डी टूट गई है और मांस को नोच लिया है।वहीं हाल दूसरे हाथ और पैर का भी है।प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल बगहा भेज दिया गया है।इधर हमले की सूचना पर अकलू यादव की पत्नी चंद्ररेखा देवी अपने जख्मी पति को देख कर हैरान और परेशान है।रो-रो कर बुरा हाल है।और बार-बार बेहोश हो रही है।जख्मी अकलू यादव के दो पुत्र बड़ा पुत्र दीनानाथ यादव एवं छोटा पुत्र रोहित यादव तथा दो पुत्री सोना देवी और रंजना कुमारी का भी रो-रो कर बुरा हाल है।इस घटना की सूचना को गंभीरता से लेते हुए वाल्मीकि नगर रेंजर सत्यम कुमार और वनपाल आशीष कुमार अस्पताल पहुंचे।रेंजर श्री कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पर अस्पताल पहुंच कर जख्मी की हालत का जायजा लिया गया है।अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है।