हैप्पीनेस फाउंडेशन ने सोनू सूद के जन्मदिन पर लगाया 8वां रक्तदान शिविर, 192 यूनिट रक्त संग्रहित, सोनू सूद ने वीडियो कॉल पर जताया आभार, मुंबई आने का दिया न्योता

श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर में अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद के जन्मदिवस के अवसर पर श्रीकरणपुर की जानी-मानी समाजसेवी संस्था हैप्पीनेस फाउंडेशन ने आज अपना 8वां रक्तदान शिविर आयोजित किया। यह शिविर आरोड़वंश भवन में आयोजित किया गया जिसमें जिले के चार ब्लड बैंकों ने मिलकर कुल 192 यूनिट रक्त संग्रहित किया।

हर साल 30 जुलाई को सोनू सूद के जन्मदिन पर हैप्पीनेस फाउंडेशन रक्तदान शिविर लगाता है। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाना है।

4 ब्लड बैंकों ने लिया भाग....

​​​​​शिविर में श्रीगंगानगर से रुधिरा ब्लड बैंक, राजकीय जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक, स्वास्तिक ब्लड बैंक और तपोवन ब्लड बैंक की टीमों ने सहयोग किया। सुबह से ही रक्तदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

हैप्पीनेस फाउंडेशन के संयोजक अमन नागपाल, अध्यक्ष हैप्पी शर्मा, और कोषाध्यक्ष ललित गहलोत ने बताया कि फाउंडेशन पूरे साल देशभर में जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध करवाने का काम करता है। सोनू सूद समाजसेवा के प्रतीक हैं, उनके जन्मदिन पर रक्तदान करना हमारे लिए गर्व की बात है।

लाइव जुड़े सोनू सूद, दिया मुंबई आने का न्योता....

शिविर के दौरान सबसे खास पल तब आया जब अभिनेता सोनू सूद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए लाइव जुड़े। उन्होंने हैप्पीनेस फाउंडेशन के सभी सदस्यों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि आप लोग जो काम कर रहे हैं वो वाकई प्रेरणादायक है। इंसानियत की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

सोनू सूद ने फाउंडेशन की टीम को मुंबई आने का न्योता भी दिया और कहा कि वे सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं।

सदस्यों ने संभाली पूरी व्यवस्था....

शिविर को सफल बनाने में हैप्पीनेस फाउंडेशन के अमन नागपाल, हैप्पी शर्मा, पवन शर्मा, ललित गहलोत, सोनू मेहरा, अंश गेरा, अशोक कुमार, तजेंदर शाक्य, लविश बत्रा, सनी बत्रा, ऋषि, साहिल वर्मा, ओजस, तुषार, संजीव भाटिया, रवि इटकान, जानवी व पारुल सहित सभी सदस्यों ने दिनभर सेवा कार्य किया। रक्तदाताओं के लिए जलपान और प्रमाण पत्र की व्यवस्था भी की गई।

संस्था ने कहा कि आने वाले समय में भी इसी तरह के सेवा कार्य जारी रहेंगे ताकि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी न हो।