23 दिन की कड़ी मेहनत रंग लाई: सेंट्रल रेलवे ने मुंबई–पुणे रेल संपर्क पूरी तरह बहाल किया

मुंबई। लगातार मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मुंबई?पुणे रेल मार्ग पर सेंट्रल रेलवे ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करजत?लोनावला घाट सेक्शन की तीनों रेल लाइनें (अप, डाउन और मिड लाइन) पूरी तरह बहाल कर दी हैं। 23 दिनों तक दिन-रात चले अभियान के बाद 28 जुलाई 2026 को शाम 6:42 बजे अप लाइन पर भी रेल संचालन शुरू कर दिया गया।

रेलवे के अनुसार 5 और 6 जुलाई को हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण करजत?लोनावला घाट सेक्शन में कई स्थानों पर भूस्खलन, बोल्डर गिरने और रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने से रेल यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। इस दौरान करीब 665 ट्रेनों को रद्द, आंशिक रूप से रद्द, मार्ग परिवर्तित या पुनर्निर्धारित करना पड़ा।

11 हजार से अधिक कर्मियों ने दिन-रात किया काम

रेल मार्ग को जल्द बहाल करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने 11,745 कर्मचारियों और श्रमिकों की टीम को युद्धस्तर पर लगाया। लगभग 1,40,940 मानव-घंटों की अथक मेहनत से 23 दिनों तक लगातार बहाली कार्य किया गया। अभियान में 18 जेसीबी, 20 पोकलेन मशीनें, पाइलिंग रिग मशीन, डंपर सहित भारी मशीनरी का उपयोग किया गया।

रेलवे ने ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए 46,460 घनमीटर ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी), 2,600 घनमीटर बोल्डर, 8,418 मीटर सेल्फ ड्रिलिंग एंकर, 1,800 वर्गमीटर हाई स्ट्रेंथ जियोमैट, 1,700 घनमीटर गैबियन वॉल और 7,500 सैंडबैग का इस्तेमाल किया। दुर्गम क्षेत्रों तक निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए 110 से अधिक मालगाड़ी रेक लगाए गए।

सुरक्षा के साथ शुरू हुआ संचालन

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मिड लाइन 7 जुलाई और डाउन लाइन 14 जुलाई को चालू कर दी गई थी, जबकि सबसे अधिक क्षतिग्रस्त अप लाइन को सुरक्षित बनाने में अतिरिक्त समय लगा। अब तीनों लाइनों पर रेल संचालन सामान्य रूप से शुरू हो गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थायी सुरक्षा उपायों के तहत पाइलिंग और आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है।

सेंट्रल रेलवे ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान में शामिल इंजीनियरों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए यात्रियों के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया। रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।