गरियाबंद में स्थापित होगी भारत की पहली कौशल विकास अंत्योदय आवासीय विश्वविद्यालय: प्रोफेसर डॉ संजीव कर्मकार वशिष्ठ* (डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कौशल विकास अंत्योदय आवासीय विश्वविद्यालय गरिय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक प्रोफेसर (डॉ.) संजीव कर्मकार 'वशिष्ठ' ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से सौजन्य भेंट कर गरियाबंद जिले में "सरकारी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंत्योदय कौशल विकास विश्वविद्यालय" की स्थापना के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम बेलटुकरी में चिन्हित लगभग 80 एकड़ शासकीय भूमि विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विषय को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया।
बैठक में सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री शिशुपाल सोढ़ी, राष्ट्र प्रथम के संस्थापक श्री तुषार शाह तथा रायपुर मंडल मंत्री श्री प्रशांत जगत भी उपस्थित रहे।
प्रोफेसर (डॉ.) संजीव कर्मकार 'वशिष्ठ' ने मुख्यमंत्री श्री साय से कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार शिक्षा, कौशल और युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ऐसे समय में गरियाबंद जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण अंचल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्रेरित एक अंत्योदय कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना न केवल क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगी, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद गरियाबंद जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शासन की ओर से यह पहली बड़ी सौगात होगी। यह विश्वविद्यालय जिले के लाखों युवाओं को रोजगारोन्मुखी, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएगा तथा उन्हें प्रदेश से बाहर पलायन करने की आवश्यकता भी कम होगी।
प्रोफेसर वशिष्ठ ने बताया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जहाँ 70 प्रतिशत कौशल आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा 30 प्रतिशत सैद्धांतिक अध्ययन की अवधारणा को प्राथमिकता दी जाएगी। विश्वविद्यालय में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी सभी प्रकार के पाठ्यक्रमों के साथ उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और स्थानीय रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास को विशेष महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के "स्किल इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" और "विकसित भारत-2047" के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
प्रोफेसर (डॉ.) संजीव कर्मकार 'वशिष्ठ' ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह महत्वाकांक्षी पहल शीघ्र ही मूर्त रूप लेगी और गरियाबंद जिला शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा।