अमृत भारत स्टेशन योजना से बदलेगी रतनगढ़ स्टेशन की तस्वीर, पर्यटन और श्रद्धालुओं को मिलेगा बड़ा लाभ

रतनगढ़। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के अंतर्गत आने वाले रतनगढ़ रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है। करीब 18.09 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। स्टेशन के आधुनिक स्वरूप में आने से ताल छापर अभ्यारण्य जाने वाले पर्यटकों और सालासर बालाजी मंदिर के श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

रतनगढ़, जिसे "राजस्थान की वाराणसी" के नाम से भी जाना जाता है, अपनी ऐतिहासिक हवेलियों, भित्ति चित्रों, शेखावाटी की समृद्ध वास्तुकला, पारंपरिक हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। स्टेशन के पुनर्विकास से इस क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि स्टेशन को स्थानीय कला और संस्कृति की झलक के साथ हेरिटेज लुक दिया जा रहा है। पुनर्विकास के तहत स्टेशन भवन का व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए हैं। इसके अलावा बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग, बुकिंग कार्यालय, रिटायरिंग रूम और नए शौचालयों का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है।

स्टेशन पर एलईडी लाइटिंग, आकर्षक आर्टवर्क, दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं और साइनेज, सोलर ऊर्जा संयंत्र, आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्प्ले बोर्ड, बड़े एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ियां भी स्थापित की जाएंगी।

यात्रियों की आवाजाही को और सुगम बनाने के लिए 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है, जिस पर लगभग 8.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका लगभग 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

रेलवे का मानना है कि रतनगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय हस्तशिल्प और व्यापार को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।