वीटीआर में पाएं जाने वाले विभिन्न प्रकार के सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू को लेकर फ्रंट लाइन वन कर्मियों को चलचित्र के माध्यम से दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकि नगर स्थित वन विभाग के ऑडियो वीडियो हॉल के सभागार में मंगलवार को वन विभाग और डब्लूटीआई के सौजन्य से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सभी पांच रेंज के वन कर्मियों को वीटीआर में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के सांप का सुरक्षित रेस्क्यू, उसकी सुरक्षा ,उसकी पहचान ,ग्रामीणों की सुरक्षा के बिंदु पर चलचित्र के माध्यम से एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

ट्रेनर के रूप में आदित्य तिवारी लखनऊ पर्यावरणम सोसाइटी (संस्था) उत्तर- प्रदेश के द्वारा वन कर्मियों को सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की तौर तरीके बताए गए। ताकि सांपों को किसी प्रकार की नुकसान ना हो, का प्रशिक्षण दिया गया। बताते कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के विशाल दायरे में स्थित है ।और वन क्षेत्र के वनवर्ती गांवों में हजारों हजार की संख्या में ग्रामीण निवास करते हैं। टाइगर रिजर्व से निकलकर विभिन्न प्रकार के सांप प्रायः रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। जिससे जान माल का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेष परिस्थिति के लिए सभी फ्रंट लाइन वन कर्मियों को सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू हेतु वन विभाग और डब्लु टी आई द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। चलचित्र के माध्यम से सभी प्रकार के विषैले और विष रहित सांपों की पहचान करने ,उनसे सावधान रहते हुए उनको सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने का तौर तरीका वन कर्मियों को दिया गया।

इस बाबत जानकारी देते हुए वन प्रमंडल दो के एसीएफ शशि भूषण चौधरी एवं वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के सांपों की भरमार है। जिसमें कुछ सांप अति विषैले प्रजाति में शामिल है। वन कर्मियों को विभिन्न प्रकार के सांप के सुरक्षित रेस्क्यू की जानकारी दी जा रही है।इस अवसर पर फील्ड बायोलॉजिस्ट डॉ सौरव वर्मा, डब्ल्यू टी आई के सीनियर फील्ड ऑफिसर पावेल घोष, सहायक सुनील कुमार, डब्ल्यू आई आई के परियोजना सहायक मुकेश कुमार,वाल्मीकि नगर सहित पांचों रेंज के वनपाल,वनरक्षी, लगभग 50 वनकर्मीयों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।