रिटायर्ड दरोगा पर अनुसूचित जाति की जमीन खरीद में अनियमितता का विवाद गहराया

बैनामे में जाति बदलने की शिकायत पर प्रशासन से जांच की मांग

रिटायर्ड दरोगा पर अनुसूचित जाति की जमीन खरीद में अनियमितता का विवाद गहराया

मैनपुरी। भोगांव तहसील क्षेत्र में अनुसूचित जाति की भूमि के बैनामे को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम चिर्रा सुल्तानगंज निवासी विवेक पुत्र श्यामनाथ सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि एक सेवानिवृत्त दरोगा ने फर्जी तरीके से बैनामे में जाति संबंधी विवरण बदलवाकर अनुसूचित जाति की जमीन खरीदी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विवेक ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मौजा सुल्तानगंज स्थित गाटा संख्या 274ड, रकबा 0.4050 हेक्टेयर भूमि का बैनामा 18 अगस्त 2009 को हुआ था। उनका आरोप है कि भूमि के विक्रेता जवाहर पुत्र बाबूराम अनुसूचित जाति (धोबी) समुदाय से हैं, जबकि जमीन हरिनाथ सिंह यादव के पुत्र अनिल कुमार और विमल कुमार के नाम खरीदी गई। पीड़ित का कहना है कि बैनामे में विक्रेता की वास्तविक जाति छिपाकर गलत विवरण दर्ज कराया गया, जिससे उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता अधिनियम की धारा 157-ए के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।

पीड़ित विवेक का आरोप है कि हरिनाथ सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, ने शासन को गुमराह कर यह बैनामा कराया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरिनाथ सिंह ने एक अन्य मामले में खटीक समाज के व्यक्ति की जमीन भी कथित रूप से चिकवा समुदाय का दर्शाकर खरीदी थी। विवेक का कहना है कि अब उनकी जमीन पर भी कब्जा करने की नीयत से दबाव बनाया जा रहा है।

विवेक ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित लेखपाल से कई बार की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित दस्तावेजों की सत्यता की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, इस मामले में जब विक्रेता जवाहर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अनुसूचित जाति (धोबी) समुदाय से हैं और उन्होंने अपनी जमीन हरिनाथ सिंह यादव के बेटों के नाम बेची थी। जवाहर सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि बैनामे में क्या दर्ज कराया गया। यदि दस्तावेज में उनकी जाति गलत दर्शाई गई है तो इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।