15 जुलाई से रेलवे में ड्यूटी चेक पास पूरी तरह डिजिटल, पेपर पास व्यवस्था होगी समाप्त

भारतीय रेलवे ने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 15 जुलाई 2026 से ड्यूटी चेक पास व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार अब सभी ड्यूटी चेक पास केवल एचआरएमएस (HRMS) के माध्यम से जारी किए जाएंगे। इस तिथि के बाद किसी भी रेलकर्मी को पेपर ड्यूटी चेक पास जारी नहीं किया जाएगा।

रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल रेलों के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों को जारी आदेश में बताया गया है कि नवंबर 2024 में ड्यूटी पास मॉड्यूल को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया था। उस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों और विशेष अभियानों के लिए फील्ड इकाइयों को पेपर ड्यूटी चेक पास जारी करने की अनुमति दी गई थी।

अब एचआरएमएस का ड्यूटी पास मॉड्यूल रेलवन मोबाइल ऐप से पूरी तरह एकीकृत हो गया है। इसके माध्यम से रेलकर्मी अपने डिजिटल ड्यूटी चेक पास का उपयोग कर ऑनलाइन अनारक्षित टिकट बुक कर सकेंगे। इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और कागजरहित होगी, साथ ही कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2026 से पहले जारी सभी भौतिक ड्यूटी चेक पास उनकी निर्धारित वैधता अवधि तक मान्य रहेंगे। इसके बाद केवल एचआरएमएस से जारी डिजिटल ड्यूटी चेक पास ही स्वीकार किए जाएंगे।

रेलवे का मानना है कि यह व्यवस्था डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ रेलकर्मियों को अधिक सुविधाजनक, तेज और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।