रेलवे भूमि से 30 मीटर के भीतर निर्माण से पहले एनओसी अनिवार्य, मध्य रेल ने जारी की चेतावनी

मुंबई। मध्य रेल ने आम नागरिकों, स्थानीय निकायों और निर्माण एजेंसियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि रेलवे भूमि की सीमा से 30 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले रेलवे प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है। बिना एनओसी के किए गए निर्माण को अनाधिकृत माना जाएगा और ऐसे निर्माण पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल निला ने बताया कि हाल के निरीक्षणों में रेलवे परियोजनाओं के आसपास 30 मीटर के दायरे में बिना एनओसी कई भवनों और अन्य संरचनाओं का निर्माण पाया गया है। इससे रेलवे परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परियोजना क्षेत्रों का ड्रोन और वीडियो सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि भूमि की वास्तविक स्थिति का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। ऐसे में हाल में किए गए अनधिकृत निर्माण आसानी से चिन्हित किए जा सकेंगे।

मध्य रेल ने कहा कि बिना एनओसी बनाए गए किसी भी निर्माण को मुआवजे के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। ऐसे निर्माण पर होने वाले खर्च, संभावित ध्वस्तीकरण या अन्य वित्तीय नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी और इसके लिए रेलवे उत्तरदायी नहीं होगा।

रेलवे ने ग्राम पंचायतों, नगर परिषदों, नियोजन प्राधिकरणों तथा अन्य स्थानीय निकायों से भी अपील की है कि रेलवे भूमि से 30 मीटर के भीतर किसी भी निर्माण या विकास प्रस्ताव को मंजूरी देने से पहले रेलवे की एनओसी का सत्यापन अवश्य करें।

मध्य रेल ने नागरिकों से अपील की है कि रेलवे भूमि के आसपास किसी भी प्रकार का अनाधिकृत निर्माण करने से बचें और जनहित में चल रही रेल अवसंरचना परियोजनाओं के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन में सहयोग करें।