अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बदला विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

मिर्जापुर। माँ विन्ध्यवासिनी धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात देते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन का आधुनिक स्वरूप तैयार किया गया है। लगभग 23.24 करोड़ रुपये की लागत से हुए पुनर्विकास के बाद स्टेशन अब अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और सुगम आवागमन से लैस हो गया है।

पुनर्विकसित स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक कॉन्कोर्स, एग्जीक्यूटिव लाउंज, आरामदायक प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम, आधुनिक टिकटिंग व्यवस्था और स्वच्छ यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन परिसर में अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, हरित लैंडस्केपिंग, पर्याप्त पार्किंग और सुव्यवस्थित सर्कुलेटिंग एरिया यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं।

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है, जिसमें भविष्य में लिफ्ट लगाने का भी प्रावधान रखा गया है। दिव्यांग यात्रियों के लिए बाधारहित आवागमन और विशेष पार्किंग सुविधा भी विकसित की गई है। इसके अलावा आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, दिशासूचक संकेतक, उन्नत प्लेटफॉर्म और स्वच्छ शौचालय स्टेशन की नई पहचान बने हैं।

स्टेशन के पुनर्विकास में स्थानीय कला, संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी विशेष स्थान दिया गया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को विन्ध्याचल की सांस्कृतिक पहचान का अनुभव हो सके।

गंगा तट पर स्थित माँ विन्ध्यवासिनी शक्तिपीठ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां वर्षभर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन अब श्रद्धालुओं के लिए अधिक आरामदायक, सुरक्षित और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित यह स्टेशन भारतीय रेल की "विकास भी, विरासत भी" की सोच को साकार करते हुए आधुनिक अवसंरचना और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रहा है।