जननायक ओमकार सिंह यादव पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब; हजारों वाहनों के काफिले और लाखों दुआओं के बीच नम आंखों से दी विदाई


जननायक ओमकार सिंह यादव पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब; हजारों वाहनों के काफिले और लाखों दुआओं के बीच नम आंखों से दी विदाई


उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक सशक्त, जनप्रिय और संघर्षशील अध्याय का रविवार को भावुक समापन हो गया। पांच बार विधायक, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और समाजवादी विचारधारा के मजबूत स्तंभ रहे ओमकार सिंह यादव पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। जनपद संभल के सांकरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्व मंत्री ओमकार सिंह यादव की अंतिम यात्रा प्रदेश की सबसे बड़ी जनविदाइयों में से एक बन गई। हजारों वाहनों का लंबा काफिला उनके पार्थिव शरीर के साथ चला। मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। संभल, बदायूं, कासगंज, अलीगढ़ सहित आसपास के कई जनपदों से हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। भारी भीड़ के चलते कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा क्षेत्र शोक में डूबा दिखाई दिया।
अंतिम यात्रा में बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, बदायूं सांसद आदित्य यादव, समाजवादी पार्टी के अनेक विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी तथा हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। विभिन्न जनपदों से आए समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपने प्रिय नेता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
ओमकार सिंह यादव केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि आम जनता की आवाज, किसानों, गरीबों और वंचितों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले जननायक के रूप में उनकी पहचान थी। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया और जनता के बीच अपनी सादगी, सहजता तथा मिलनसार व्यक्तित्व के कारण विशेष स्थान बनाया। यही कारण रहा कि उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान नेताओं और समर्थकों ने कहा कि ओमकार सिंह यादव का जाना समाजवादी आंदोलन और प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा और समाजवादी मूल्यों के प्रति समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
सांकरा श्मशान घाट पर उनके पुत्र सहसवान विधानसभा से विधायक ब्रजेश यादव ने के द्वाराउन्हें मुखाग्नि दी गई तो वातावरण गमगीन हो उठा। हजारों लोगों की आंखें नम थीं और हर ओर सिर्फ एक ही भावना थी?अपने प्रिय नेता को अंतिम प्रणाम। उनके निधन से न केवल बदायूं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
"जनता के दिलों पर राज करने वाले जननेता ओमकार सिंह यादव भले ही आज पंचतत्व में विलीन हो गए हों, लेकिन उनकी सादगी, संघर्ष, जनसेवा और समाजवादी विचारधारा हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।"