सपा सांसद आदित्य यादव ने TET परीक्षा के दौरान रोड शो से लगे भीषण जाम पर उठाए सवाल, सैकड़ों अभ्यर्थियों की छूटी परीक्षा; सरकार से पुनः परीक्षा कराने की मांग

सपा सांसद आदित्य यादव ने सोशल मीडिया के जरिए TET परीक्षा के दौरान रोड शो से लगे भीषण जाम पर उठाए सवाल, सैकड़ों अभ्यर्थियों की छूटी परीक्षा; सरकार से पुनः परीक्षा कराने की मांग

बदायूं। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान बदायूं में लगे भीषण जाम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। आदित्य यादव ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक अव्यवस्था और राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाए, तो यह युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।

सांसद आदित्य यादव ने कहा कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आयोजित हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई थी। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर यदि किसी राजनीतिक रोड शो के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती है और अभ्यर्थियों की परीक्षा छूट जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

अभ्यर्थियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के रोड शो के चलते बदायूं शहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। बताया जा रहा है कि बरेली सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए बदायूं पहुंचे थे, लेकिन घंटों तक जाम में फंसे रहने के कारण अनेक अभ्यर्थी निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई।

सांसद आदित्य यादव ने कहा कि इन युवाओं ने वर्षों तक मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी। समय से पहले घर से निकलने के बावजूद यदि वे प्रशासनिक अव्यवस्था का शिकार होकर परीक्षा नहीं दे सके, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक कार्यक्रम जनता की सुविधा और युवाओं के भविष्य से ऊपर नहीं हो सकते।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा केवल जाम के कारण छूटी है, उनका सत्यापन कर उन्हें पुनः परीक्षा देने का अवसर दिया जाए, ताकि किसी भी योग्य अभ्यर्थी का भविष्य प्रभावित न हो।

सांसद ने यह भी कहा कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन किसी भी राजनीतिक रैली, रोड शो या ऐसे आयोजनों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिनसे यातायात व्यवस्था बाधित हो। परीक्षा वाले दिन प्रशासन को विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करना चाहिए और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले मार्गों को पूरी तरह सुचारु रखना चाहिए।

उधर, परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि उन्होंने समय से पहले यात्रा शुरू की थी, लेकिन जाम के कारण परीक्षा केंद्र तक पहुंचना संभव नहीं हो सका। उनका आरोप है कि प्रशासन द्वारा यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

अब इस पूरे मामले को लेकर अभ्यर्थियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से सरकार से मांग की जा रही है कि प्रभावित अभ्यर्थियों के साथ न्याय करते हुए पुनः परीक्षा आयोजित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।