रेलवे अस्पताल बना रेलकर्मियों के भरोसे का केंद्र, बड़ी सर्जरी में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल का रेलवे अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दम पर रेलकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए भरोसे का केंद्र बनकर उभरा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि बड़ी सर्जरी की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 80 प्रतिशत की वृद्धि रही है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में चिकित्सा विभाग लगातार नवाचार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पहली तिमाही के दौरान रेलवे अस्पताल में 148 बड़ी सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। इससे बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज जोधपुर में ही संभव हो सका और उन्हें अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर कराने की आवश्यकता भी काफी कम हुई।

कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति (गैर-रेफर) के सभी 48 मामलों का निर्धारित 60 दिनों की समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया। इससे कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिलने के साथ अनावश्यक इंतजार से भी राहत मिली।

स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पहली तिमाही में 57 स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य जांच के साथ उन्हें जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

रेल संचालन से जुड़े कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में 256 कर्मचारियों को फर्स्ट एड प्रशिक्षण दिया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। वहीं चिकित्सा सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए 73 चिकित्सा कर्मियों को लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे गंभीर मरीजों को आपात स्थिति में अधिक प्रभावी और जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीताराम बुनकर ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, दक्ष चिकित्सकों और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की बदौलत मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, समयबद्ध सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा तैयारियों को लगातार मजबूत बनाकर रेलकर्मियों एवं उनके परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।