तीन साल में 13 लाख यात्रियों की पहली पसंद बनी जोधपुर–साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस

तीन साल में 13 लाख यात्रियों की पहली पसंद बनी जोधपुर?साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस

जोधपुर। जोधपुर?साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस ने अपने सफल संचालन के तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। 9 जुलाई 2023 से शुरू हुई इस ट्रेन ने आधुनिक सुविधाओं, तेज रफ्तार और समयबद्ध संचालन के दम पर यात्रियों के बीच अपनी खास पहचान बनाई है। तीन वर्षों में इस ट्रेन से करीब 13 लाख यात्री सफर कर चुके हैं, जबकि रेलवे को लगभग 130 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार, 9 जुलाई 2023 से 30 जून 2026 तक वंदे भारत एक्सप्रेस ने 4,646 फेरे लगाए और 13,00,992 यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया। इस दौरान रेलवे को करीब 129.86 करोड़ रुपये की आय हुई।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जोधपुर से साबरमती जाने वाली ट्रेन संख्या 12461 ने 2,326 फेरे लगाए, जिसमें 6.20 लाख यात्रियों ने यात्रा की और 59.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, ट्रेन संख्या 12462 ने साबरमती से जोधपुर तक 2,320 फेरे पूरे किए, जिसमें लगभग 6.80 लाख यात्रियों ने सफर किया और 70.39 करोड़ रुपये की आय हुई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस की आरामदायक सीटें, वातानुकूलित कोच, स्वचालित दरवाजे, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण खानपान जैसी सुविधाओं ने इसे यात्रियों की पसंदीदा ट्रेन बना दिया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का प्रतीक बन चुकी है। इस ट्रेन ने राजस्थान और गुजरात के बीच व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और चिकित्सा के लिए आवागमन को भी नई गति दी है। रेलवे को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भी यह ट्रेन पश्चिम भारत की सबसे लोकप्रिय रेल सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाए रखेगी।