जोधपुर मंडल में इंजीनियरिंग कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, रेल संरक्षा और यात्री सुविधाओं को मिला नया आयाम

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इंजीनियरिंग कार्यों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी के नेतृत्व में ट्रैक नवीनीकरण, रेल संरक्षा, आधारभूत संरचना के विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जून 2026 तक ट्रैक रिन्यूअल, डीप स्क्रीनिंग, टर्नआउट नवीनीकरण और ट्रैक अनुरक्षण जैसे कार्य निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रगति के साथ पूरे किए गए हैं। इन कार्यों से रेल परिचालन की सुरक्षा, विश्वसनीयता और गति में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मानसून के मद्देनज़र जोधपुर-मेड़ता, लूणी-मारवाड़ जंक्शन और रामदेवरा-जैसलमेर रेलखंडों में जलभराव की संभावित समस्या से बचाव के लिए ट्रैक लिफ्टिंग कार्य भी तेज गति से किए जा रहे हैं, जिससे बरसात के दौरान सुरक्षित और निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

समपार फाटकों को समाप्त करने के लिए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है। कई आरओबी का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अनेक आरयूबी निर्माणाधीन हैं। चालू वित्तीय वर्ष में कई आरयूबी सफलतापूर्वक लॉन्च किए गए हैं, जिससे रेल और सड़क दोनों यातायात की सुरक्षा एवं सुगमता बढ़ेगी।

मंडल में विभिन्न रेलखंडों पर नए रेल पुलों की लॉन्चिंग और पुल निर्माण कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे रेलवे की आधारभूत संरचना और अधिक मजबूत हुई है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जैसलमेर, बाड़मेर और गोटन रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास लगभग पूरा हो चुका है। इन स्टेशनों पर आधुनिक स्टेशन भवन, आकर्षक प्रवेश द्वार, विशाल प्रतीक्षालय, वीआईपी कक्ष, बेहतर पार्किंग, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, नए शौचालय, पेयजल व्यवस्था, कोच इंडिकेशन बोर्ड और 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

इसके अलावा पीपाड़ रोड-भालरा रेलखंड में ट्रैक लिफ्टिंग, नए लघु पुलों का निर्माण, लेवल क्रॉसिंग संरचनाओं का पुनर्निर्माण, ट्रैक लिंकिंग, बैलास्टिंग और गुड्स शेड निर्माण जैसे कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि जोधपुर मंडल में सभी इंजीनियरिंग कार्य गुणवत्ता, संरक्षा और समयबद्धता के साथ पूरे किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि होने के साथ यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा।