वीटीआर में शाकाहारी जीव जंतुओं के आहार पर वन तस्करों की नजर तेज।

  • वन क्षेत्र में उगने वाली कोचिला साग की हो रही है भारी मात्रा में तस्करी।
  • महंगे दामों पर नेपाल में बिकते हैं यह कोचिला का साग।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।वीटीआर वन प्रमंडल दो के वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र में कई किस्म के जड़ी बूटी तथा खाद्य पदार्थ पाए जाते है। जिसमें से एक कोचिला साग भी है। यह साग जहां शाकाहारी वन्य जीवों का पसंदीदा आहार है। वहीं इस साग को वन क्षेत्र से लगे बस्ती के आदिवासी जनजाति समाज के लोगों में भी काफी पसंद किया जाता है। बताया जाता है कि इस साग का स्वाद अन्य सभी सब्जियों से बिल्कुल अलग है। इसलिए इस साग के खोज में ग्रामीण वन क्षेत्र के काफी अंदर तक चले जाते है।इस संबंध में वन विभाग के फील्ड बायोलॉजिस्ट डॉ सौरभ वर्मा बताते है कि कोचिला साग पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें आयरन की मात्रा ज्यादा होती है। जिसके कारण शाकाहारी वन्य जीवों का यह पसंदीदा आहार है। वन क्षेत्र से लगे बस्ती के आदिवासी जनजाति समाज में इस साग को काफी पसंद किया जाता है। क्योंकि इसका स्वाद अन्य साग के मुकाबले बिल्कुल अलग है। यह साग हालांकि वन क्षेत्र से लगे बस्ती में भी पाया जाता है। लेकिन बहुत कम मात्रा में पाए जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसकी खोज में वन क्षेत्र के काफी अंदर जंगल में भी चले जाते है। कोचिला साग के खोज में वन क्षेत्र के अंदर जंगल में जाने वाले लोगों से फील्ड बायोलॉजिस्ट वर्मा ने अपील किया है कि वो लोग अंदर जंगल में ना जाए। क्योंकि जंगल के अंदर वन्य जीव का खतरा अधिक है। बताते चले कि कोचिला साग सीमावर्ती नेपाल के नेपाली मूल के लोगों के बीच भी अत्यंत लोकप्रिय है। नेपाली क्षेत्र में इस साग की उपज नहीं होने के कारण काफी महंगे दामों में बिक्री होती है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र से तस्करी कर नेपाली क्षेत्र में भेजा जाता है।