पटरी पार करने वालों पर रेलवे सख्त, तीन महीने में 350 से अधिक लोगों पर कार्रवाई

पटरी पार करने वालों पर रेलवे सख्त, तीन महीने में 350 से अधिक लोगों पर कार्रवाई

जोधपुर रेल मंडल ने रेलवे स्टेशनों पर नियमों का उल्लंघन कर पटरी पार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पिछले तीन महीनों में 350 से अधिक लोगों पर कार्रवाई करते हुए करीब 45 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर कई यात्री जल्दबाजी में अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हुए पाए जा रहे हैं। इस खतरनाक प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहा है। प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के तहत पटरी पार करने के 350 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में लगभग 45 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जबकि 36 मामले फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन हैं।

रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के अनुसार रेलवे ट्रैक, यार्ड अथवा अन्य गैर-यात्री क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करना दंडनीय अपराध है। इसके तहत छह महीने तक कारावास, 500 रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। जन विश्वास अधिनियम के तहत निर्धारित जुर्माना मौके पर जमा कराया जा सकता है। जुर्माना जमा नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति को न्यायालय में पेश किया जाता है।

मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर अथवा निर्धारित पैदल मार्ग का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कई बार एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें बीच के स्टेशनों पर बिना रुके तेज गति से गुजरती हैं, ऐसे में ट्रैक पार करने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी परिस्थिति में शॉर्टकट अपनाकर रेलवे पटरी पार करना भारी पड़ सकता है। इसलिए सभी यात्रियों को केवल अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करना चाहिए।