पूर्वोत्तर भारत को मिली पहली मेमू ट्रेन, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

पूर्वोत्तर भारत को मिली पहली मेमू ट्रेन, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

अगरतला। पूर्वोत्तर भारत में रेल परिवहन के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने पहली मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन सेवा शुरू कर दी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने शनिवार को अगरतला रेलवे स्टेशन से ट्रेन संख्या 75679/75680 अगरतला?करमगंज?अगरतला मेमू को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह ट्रेन पहले डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) के रूप में संचालित होती थी, जिसे रेल मार्ग के विद्युतीकरण के बाद आधुनिक मेमू सेवा में अपग्रेड किया गया है। यह पूर्वोत्तर में पहली मेमू सेवा होने के साथ क्षेत्र में रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस अवसर पर त्रिपुरा सरकार के परिवहन एवं पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी, राज्यसभा सांसद राजीब भट्टाचार्जी, विधायक मीना रानी सरकार, लामडिंग मंडल के मंडल रेल प्रबंधक तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रेलवे के अनुसार, मेमू ट्रेनें डेमू की तुलना में अधिक ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और किफायती होती हैं। इनकी तेज़ गति से रफ्तार पकड़ने और रुकने की क्षमता के कारण स्टेशनों के बीच यात्रा समय कम होता है। साथ ही शोर कम, रखरखाव का खर्च कम और प्रदूषण शून्य होने से यह हरित परिवहन को बढ़ावा देती हैं।

नई मेमू सेवा से त्रिपुरा और असम के बीच रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि यह पहल आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।