एनएफआर ने लोको पायलटों के प्रशिक्षण के लिए अपनाई डिजिटल तकनीक, कटिहार मंडल में शुरू हुई आधुनिक पहल

एनएफआर ने लोको पायलटों के प्रशिक्षण के लिए अपनाई डिजिटल तकनीक, कटिहार मंडल में शुरू हुई आधुनिक पहल

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने परिचालन सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा रेल प्रशिक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत कटिहार मंडल की क्रू लॉबी में लोको पायलटों के प्रशिक्षण के लिए कई इंटरैक्टिव डिजिटल तकनीकों की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित व कुशल हो सके।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पहल के तहत मंडल की सभी क्रू लॉबी में इंटरैक्टिव टच पैनल लगाए गए हैं। ये डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक प्रशिक्षण, काउंसलिंग सत्र और परिचालन संबंधी जरूरी जानकारियों तक त्वरित पहुंच उपलब्ध कराते हैं, जिससे प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक आसान और आकर्षक बन गई है।

कटिहार मंडल ने ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम पर इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर व्यवस्था भी शुरू की है, जिससे लोको पायलट सिग्नलिंग सिद्धांतों की अपनी समझ को नियमित रूप से परख और मजबूत कर सकेंगे। इसके अलावा बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम का फिजिकल वर्किंग मॉडल भी तैयार किया गया है, जिससे हैंड्स-ऑन लर्निंग को बढ़ावा मिलेगा।

रूट की बेहतर जानकारी देने के लिए रेलवे ने दिन और रात दोनों परिस्थितियों को कवर करने वाली इंटरैक्टिव रूट वीडियोग्राफी भी शुरू की है। हाई क्वालिटी वीडियो के माध्यम से लोको पायलट वास्तविक परिस्थितियों की तरह सिग्नल, लैंडमार्क, ढलान और अन्य परिचालन संबंधी विशेषताओं को समझ सकेंगे। इससे ट्रेन चलाने से पहले उनकी तैयारी और निर्णय क्षमता में सुधार होगा।

एनएफआर ने रेलवे कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों, जैसे आरएस वॉल्व के संचालन, पर एक विशेष पॉडकास्ट सीरीज भी शुरू की है, जो कर्मचारियों के लिए निरंतर सीखने का नया माध्यम बनेगी। वहीं मालदा टाउन की क्रू लॉबी को भी आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई सुविधाओं से अपग्रेड किया गया है।

रेलवे का कहना है कि यह पहल डिजिटल तकनीक के माध्यम से कुशल कार्यबल तैयार करने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और रेलवे संचालन में उत्कृष्टता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।