जोधपुर मंडल में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित, कार्यालयों में हिंदी के अधिक प्रयोग पर दिया गया जोर

जोधपुर मंडल में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित, कार्यालयों में हिंदी के अधिक प्रयोग पर दिया गया जोर

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में मंगलवार को मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने की। इस दौरान मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग तथा राजभाषा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत करते हुए राजभाषा हिंदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह स्वयं हिंदी माध्यम से शिक्षित हैं और हिंदी भाषा से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि राजभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए और राजभाषा के संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाई जाए।

बैठक में अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव तथा राजभाषा अधिकारी हरिकेश मीना ने कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा प्रस्तुत की। इस दौरान मंडल के रेलवे पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और उन्नयन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

अपर मंडल रेल प्रबंधक करणी राम ने राजभाषा संबंधी प्रशिक्षण कार्यशालाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने रेलवे पुस्तकालयों में पाठकों की संख्या बढ़ाने और कर्मचारियों की रुचि तथा आवश्यकता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सीताराम बुनकर ने मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और उसके प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक में उपस्थित विभागाध्यक्षों और अधिकारियों ने भी कार्यालयों में हिंदी के अधिक उपयोग तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने विचार साझा किए।

बैठक के अंत में अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी हितेश यादव ने अध्यक्ष सहित सभी अधिकारियों और समिति सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और उसके निरंतर संवर्धन के संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ।

यह बैठक भारतीय रेल में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।