जम्मू मंडल के चेकिंग स्टाफ ने पेश की ईमानदारी और मानवता की मिसाल, यात्री का सामान लौटाया और बिछड़ी बच्ची को परिवार से मिलाया

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि रेलवे कर्मचारी केवल अपने दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर परिस्थिति में यात्रियों की सहायता और सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते हैं। मंगलवार को जम्मू मंडल के टिकट जांच कर्मचारियों ने अपनी सतर्कता, ईमानदारी और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में सराहनीय कार्य कर यात्रियों का विश्वास और सम्मान जीता।

पहली घटना में ट्रेन संख्या 14803 भगत की कोठी-जम्मू तवी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्री राजेन्द्र ने हीरानगर रेलवे स्टेशन पर मुख्य टिकट निरीक्षक राजिंदर सिंह को जानकारी दी कि उनका एक सूटकेस चोरी हो गया है। जांच के दौरान पता चला कि उसी कोच में यात्रा कर रहा एक परिवार पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उतर चुका था और संभवतः गलती से यात्री का सूटकेस भी अपने साथ ले गया था।

टिकट जांच कर्मचारियों ने तुरंत हैंड हेल्ड टर्मिनल की सहायता से संबंधित परिवार का संपर्क नंबर प्राप्त किया और उनसे बातचीत की। परिवार ने स्वीकार किया कि सूटकेस गलती से उनके साथ चला गया है। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने यात्री को अपने साथ लेकर पठानकोट पहुंचकर उनका सामान सुरक्षित वापस दिलवाया। यात्री ने रेलवे कर्मचारियों की तत्परता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

दूसरी घटना में श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक छोटी बच्ची रोती हुई मिली। टिकट जांच कर्मचारी मनीष कुमार ने बच्ची से पूछताछ की तो पता चला कि वह अपने माता-पिता से बिछड़ गई है और काफी डरी हुई है।

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों ने तुरंत बच्ची को संभाला और रेलवे सुरक्षा बल कटरा की सहायता ली। साथ ही स्टेशन के उद्घोषणा तंत्र के माध्यम से लगातार घोषणा करवाई गई। टिकट जांच स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल के संयुक्त प्रयासों से कुछ ही मिनटों में बच्ची के माता-पिता का पता लगा लिया गया और बच्ची को सुरक्षित उन्हें सौंप दिया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर माता-पिता ने रेलवे प्रशासन का धन्यवाद किया।

इन दोनों घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि जम्मू मंडल के लिए यात्री सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर परिस्थिति में यात्रियों की सहायता के लिए पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की स्वयं देखभाल करें तथा किसी भी सहायता की आवश्यकता होने पर रेल हेल्पलाइन 139, रेल मदद या निकटतम रेल कर्मचारी से संपर्क करें।

जम्मू मंडल की ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि भारतीय रेल केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा, सुविधा और विश्वास का मजबूत आधार भी है।