जनक राज साहित्य एंव कला मंच की काव्य गोष्ठी सम्पन्न, कवियों ने बांध समां

श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर में जनक राज साहित्य एवं कला मंच के तत्वाधान में पेंशनर्स भवन में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह 'अश्क' ने की। बतौर विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जुगल किशोर, पूर्व प्राचार्या सुषमा शारदा और बलदेव सेन मंच संरक्षक उपस्थित रहे।

काव्य गोष्ठी में कवियों ने देशभक्ति, बालिका शिक्षा, माँ की महिमा, हास्य और समसामयिक विषयों पर एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गीत-संगीत और कविताओं से सजी महफिल में ​कार्यक्रम का आगाज पवन वासवानी ने सदाबहार गीत जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं वो मुकाम से किया। इसके बाद वरिष्ठ कवि वासुदेव गर्ग ने मुझे कुछ पता नहीं और जयवर्धन सिंह भाटी ने शहीद भगत सिंह पर ओजस्वी रचना प्रस्तुत की।

मंच अध्यक्ष प्रदीप सिंह 'अश्क' ने तपती दोपहर में मजदूर कविता के जरिए श्रमिक वर्ग का दर्द बयां किया। वहीं, भंवर सिंह भाटी ने जब मानव दानव बन जाता रचना के माध्यम से हाल ही में मासूम बालिका के साथ हुई दरिंदगी की घटना पर तीखा कटाक्ष किया जिसे सुनकर माहौल गंभीर हो गया।

ललित बंसल ने दुनिया को जरा खंगाल कर देख और डॉ. जगदीश वर्मा ने आजकल घर में पुराना सामान कौन रखता है सुनाकर समाज की कड़वी सच्चाई को सामने रखा। कुलविंदर सिंह कामिल ने गौरे करम ना करो उठ जाने को कह दो और अनिल सिहाग मिर्जेवाले ने अपनी प्रस्तुति मैंने रंग दुनिया के बहुत देखे हैं से खूब वाहवाही लूटी।

सुषमा शारदा ने बेटी विषय पर बेहद भावुक रचना पढ़ी जिससे उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गई। हास्य कवि मुकेश राजपूरोहित ने राज सब खोल देंगेसुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया, तो सूर्य प्रकाश ने आदमी मुसाफिर है गीत पेश किया। संजय लखीसरानी ने माँ पर सुंदर भजन मेरी खंड मिश्री मेरी राज दुलारीसुनाकर वातावरण को ममतामयी बना दिया। मंच के सचिव कन्हैया जगवानी ने माँ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि रुके तो चाँद जैसी है,चले तो हवाओं जैसी है वो माँ ही है जो धूप में भी ठंडी छाँव जैसी है

कार्यक्रम के समापन पर विशिष्ट अतिथि बलदेव सेन, जुगल किशोर, प्रवीण राजपाल और ओम प्रकाश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने साहित्यकारों की सराहना करते हुए कहा कि लेखनी में वह अद्भुत ताकत होती है जो सोए हुए समाज को जागरूक करने का काम करती है। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।