25 हजार का इनामी फरार कैदी एनकाउंटर में गिरफ्तार

बरेली। इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार से फरार हुआ आजीवन कारावास की सजा काट रहा सिद्धदोष कैदी आखिरकार चार दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर उपचार के बाद दोबारा जेल भेज दिया गया। फरारी के बाद उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार कैदी की पहचान अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के नन्हेडा गांव निवासी दिनेश के रूप में हुई है। वर्ष 2020 में उसके खिलाफ नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 377, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने 9 जनवरी 2026 को उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। सजा के बाद पहले उसे बिजनौर जेल में रखा गया और 19 अप्रैल 2026 को केंद्रीय कारागार बरेली स्थानांतरित कर दिया गया। 22 जून को उसे जेल परिसर स्थित फार्म में खेती के काम के लिए बैरक से बाहर भेजा गया था। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह पानी पीने के बहाने ट्यूबवेल की ओर गया और वहां से ढेंचा के खेतों का सहारा लेकर जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। फरारी के करीब एक घंटे बाद जेल प्रशासन को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसकी तलाश शुरू कर दी गई।जेल कर्मियों पर गिरी गाज सात निलंबित कैदी के फरार होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जेलर, डिप्टी जेलर समेत सात जेल कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, एसएसपी अनुराग आर्य ने फरार कैदी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं। पूछताछ में दिनेश ने बताया कि जेल से भागने के बाद वह परतापुर निवासी नासिर कुरैशी के घर जाकर छिप गया था। नासिर से उसकी पहचान जेल की दीवार के पास खेत में काम करने के दौरान हुई थी। वहीं से दोनों के बीच संपर्क बना और फरारी के बाद उसने उसी के घर शरण ली।अमरोहा भागने की तैयारी में था, पुलिस ने घेर लिया पुलिस को सूचना मिली कि फरार कैदी परतापुर में छिपा है और रात में नासिर से तमंचा लेकर अमरोहा भागने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर वह एक खंडहर मकान में छिप गया और पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक दिनेश को वर्ष 2020 में दर्ज मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 377, पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के तहत दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अब जेल से फरार होने, पुलिस पर फायरिंग करने और अन्य संबंधित धाराओं में उसके खिलाफ अलग से विधिक कार्रवाई की जा रही है। उपचार के बाद पुलिस ने उसे पुनः केंद्रीय कारागार भेज दिया।