प्रयागराज मंडल सख्त एक्शन में, रेलवे ट्रैक पार करने वालों पर बड़ी कार्रवाई — 6 महीने में 973 लोग गिरफ्तार

यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित एवं समयबद्ध संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस विशेष अभियान के तहत 1 जनवरी 2026 से 21 जून 2026 तक कुल 973 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि बिना अनुमति रेलवे ट्रैक पार करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी लापरवाही से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता है।

रेलवे अधिनियम के अनुसार ट्रैक पार करने पर 500 रुपये तक जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 3 महीने तक की जेल या 5000 रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।

अभियान के तहत महीनेवार कार्रवाई में जनवरी में 131, फरवरी में 109, मार्च में 259, अप्रैल में 164, मई में 227 और जून में 83 लोगों को पकड़ा गया।

स्टेशनवार कार्रवाई में प्रयागराज जंक्शन सबसे ऊपर रहा जहां 124 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि कानपुर सेंट्रल पर 107, चुनार में 99, प्रयागराज छिवकी में 70, फतेहपुर में 64 और नैनी में 54 लोगों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा कई अन्य स्टेशनों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में रेलवे ट्रैक पार न करें। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल फुट ओवर ब्रिज, सबवे या निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। थोड़ी सी जल्दबाजी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि प्रयागराज मंडल यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध रेल यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आम जनता के सहयोग की अपेक्षा करता है।

रेलवे का यह सख्त अभियान साफ संदेश देता है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा ? जागरूकता ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।