निर्जला एकादशी पर रेलवे का बड़ा फैसला, यात्रियों की सुविधा के लिए चलेंगी विशेष ट्रेनें, कई सेवाओं की अवधि बढ़ाई गई

निर्जला एकादशी पर रेलवे का बड़ा फैसला, यात्रियों की सुविधा के लिए चलेंगी विशेष ट्रेनें, कई सेवाओं की अवधि बढ़ाई गई

निर्जला एकादशी के अवसर पर बढ़ने वाली यात्रियों और श्रद्धालुओं की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए विशेष रेल सेवाएं चलाने और पहले से संचालित कुछ अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। रेलवे के इस फैसले से बड़ी संख्या में यात्रियों को राहत मिलेगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार गाड़ी संख्या ०९६३३/०९६३४ रेवाड़ी-रींगस-रेवाड़ी स्पेशल रेलसेवा की संचालन अवधि में विस्तार किया गया है। यह ट्रेन रेवाड़ी से २६ जून २०२६ को एक अतिरिक्त फेरा लगाएगी, जबकि रींगस से २७ जून २०२६ को एक अतिरिक्त फेरा संचालित किया जाएगा।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या ०९६३७/०९६३८ रेवाड़ी-रींगस-रेवाड़ी स्पेशल रेलसेवा में भी संचालन अवधि बढ़ाई गई है। यह ट्रेन रेवाड़ी से २४ जून, २६ जून और २९ जून २०२६ को कुल तीन अतिरिक्त फेरों में चलेगी। वहीं रींगस से भी इन्हीं तिथियों पर तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे।

इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भिवानी-ढेहर का बालाजी-भिवानी अनारक्षित स्पेशल रेलसेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या ०४७३७ भिवानी-ढेहर का बालाजी स्पेशल रेलसेवा २५ जून से २८ जून २०२६ तक कुल चार फेरों में संचालित होगी। यह ट्रेन भिवानी से रात १२ बजकर १५ मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह ७ बजकर ०५ मिनट पर ढेहर का बालाजी पहुंचेगी।

वापसी में गाड़ी संख्या ०४७३८ ढेहर का बालाजी-भिवानी स्पेशल रेलसेवा भी २५ जून से २८ जून २०२६ तक चार फेरों में संचालित होगी। यह ट्रेन ढेहर का बालाजी से सुबह १० बजकर २५ मिनट पर रवाना होकर शाम ६ बजे भिवानी पहुंचेगी।

यह विशेष रेलसेवा मार्ग में चरखी दादरी, झाड़ली, कोसली, जाटूसाना, रेवाड़ी, कुंड, अटेली, नारनौल, निजामपुर, डाबला, मांवड़ा, नीमकाथाना, कांवट, श्रीमाधोपुर, रींगस, गोविंदगढ़ मलिकपुर और चौमू सामोद सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव करेगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार इस विशेष ट्रेन में यात्रियों के लिए १० साधारण श्रेणी के डिब्बे और २ गार्ड डिब्बे लगाए जाएंगे। यानी कुल १२ डिब्बों के साथ यह रेलसेवा संचालित की जाएगी।

निर्जला एकादशी के अवसर पर दर्शन और यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे की यह विशेष व्यवस्था बेहद राहत भरी साबित होगी।