उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में न्यायिक मामलों की समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में न्यायिक मामलों की समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

जयपुर में मंगलवार, 23 जून को लंबित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी ने की। उन्होंने रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिम्बस पोर्टल पर न्यायालय से जुड़े सभी मामलों को वास्तविक समय के आधार पर अपडेट करने, लंबित मामलों के दस्तावेज तुरंत अपलोड करने तथा प्रत्येक माह के अंतिम दिन मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रधान कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान श्री अशोक माहेश्वरी ने लंबित अवमानना प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि न्यायिक मामलों में जवाब निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं तथा सिविल न्यायालयों के आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अदालत की अवमानना जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिक वित्तीय महत्व वाले मामलों में न्यायालय में जवाब या दावा दाखिल करने से पहले संबंधित विभागाध्यक्ष से अनुमोदन लिया जाए, जिससे रेलवे के पक्ष को मजबूती के साथ रखा जा सके और रेलवे के हितों की रक्षा हो सके।

बैठक की शुरुआत उप महाप्रबंधक (विधि) प्रतुल सारोलिया ने की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लिम्बस पोर्टल पर दर्ज सभी मामलों की स्थिति सही तरीके से अपडेट की जाए, संबंधित दस्तावेज अपलोड किए जाएं तथा लंबित एक्सेप्शन रिपोर्ट को तुरंत निस्तारित किया जाए। साथ ही रेलवे के अधिवक्ताओं के साथ नियमित आंतरिक बैठक आयोजित कर न्यायिक मामलों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया।

इस दौरान सचिव, अपर महाप्रबंधक दीपक अग्रवाल ने आर्बिट्रेशन से जुड़े मामलों के डाटाबेस को सही तरीके से अद्यतन रखने और लंबित आर्बिट्रेशन प्रक्रियाओं पर लगातार नजर बनाए रखने की आवश्यकता बताई, ताकि अवार्ड जारी होने के बाद उसे लागू करने या न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय निर्धारित समय सीमा में लिया जा सके।

बैठक के समापन पर बीकानेर मंडल के विजय कुमार को सर्वश्रेष्ठ मुख्य विधि सहायक चुने जाने पर प्रशस्ति पत्र और 2000 रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

यह समीक्षा बैठक रेलवे में लंबित न्यायिक मामलों के त्वरित निस्तारण, न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।