बीकानेर से अहमदाबाद के बीच नई रेल सेवा का शुभारंभ, केंद्रीय मंत्रियों ने दिखाई हरी झंडी

बीकानेर से अहमदाबाद के बीच नई रेल सेवा का शुभारंभ, केंद्रीय मंत्रियों ने दिखाई हरी झंडी

भारत सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा केंद्रीय विधि, न्याय एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राजस्थान के�बीकानेर रेलवे स्टेशन पर बीकानेर (लालगढ़) से अहमदाबाद (साबरमती) के बीच नई विशेष उद्घाटन रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई रेल सेवा के प्रारंभ होने से राजस्थान और गुजरात के बीच सीधा, सुगम और सुविधाजनक रेल संपर्क स्थापित हो गया है, जिससे दोनों राज्यों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बीकानेर क्षेत्र की जनता लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की अपेक्षा कर रही थी और आज यह नई रेल सेवा उस आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन सेवा बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई गति प्रदान करेगी तथा आम यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति की आधारशिला होता है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों का विभिन्न शहरों के बीच आवागमन अधिक आसान और तेज होगा।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राजस्थान में इस समय 76 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक के रेलवे विकास कार्य प्रगति पर हैं। अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। बीकानेर, लालगढ़, नोखा, सादुलपुर, चूरू और रतनगढ़ रेलवे स्टेशनों पर भी आधुनिकीकरण और पुनर्विकास के कार्य तेजी से चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जयपुर और जैसलमेर रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास स्थानीय कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को ध्यान में रखकर किया गया है, जिससे इन स्टेशनों की सुंदरता बढ़ी है और पर्यटकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र बने हैं।

रेल मंत्री ने राजस्थान में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि नई रेल लाइन, रेलमार्ग दोहरीकरण और गेज परिवर्तन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए गति शक्ति माल परिवहन टर्मिनलों का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान को अनेक नई ट्रेनों की सौगात दी गई है, जिनमें बीकानेर, जोधपुर, अजमेर और जयपुर से संचालित वंदे भारत, अमृत भारत तथा अन्य प्रमुख एक्सप्रेस रेल सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने बीकानेर से चंडीगढ़ तक नई रेल सेवा प्रारंभ करने के प्रस्ताव की व्यवहारिकता जांचने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल लाइन निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना के साथ कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया गया है और इसे पूरा करने में देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राजस्थान को 10 हजार 228 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया गया है, जो राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बीकानेर आगमन पर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बीकानेर रेलवे स्टेशन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्टेशन महोत्सव का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में रेलमार्ग दोहरीकरण, रेलवे फाटकों की समस्याओं के समाधान और स्वच्छता से जुड़े कार्यों के लिए रेलवे का धन्यवाद किया।

कार्यक्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ, मंडल रेल प्रबंधक बीकानेर गौरव गोविल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी, प्रेस तथा मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बीकानेर (लालगढ़) से अहमदाबाद (साबरमती) के बीच शुरू की गई यह नई रेल सेवा गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा क्षेत्रों को राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर से सीधे जोड़ेगी। इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, भीनमाल, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ होंगे।

इस नई रेल सेवा के प्रारंभ होने के साथ बीकानेर से अहमदाबाद तक दैनिक रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी तथा राजस्थान और गुजरात के बीच व्यापार, संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती प्राप्त होगी।