जांजगीर-नैला स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के चलते कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने जारी की सूचना

जांजगीर-नैला स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के चलते कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने जारी की सूचना

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेलवे आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाने के लिए चल रही चौथी रेल लाइन परियोजना के तहत जांजगीर-नैला स्टेशन पर महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य किया जाएगा। इस दौरान ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली और चौथी लाइन कनेक्टिविटी के कमीशनिंग कार्य के लिए 22 जून 2026 से 5 जुलाई 2026 तक विभिन्न चरणों में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसके कारण कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन परियोजना पर लगभग 2135 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अब तक 180 किलोमीटर से अधिक चौथी लाइन का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद इस व्यस्त रेलखंड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम और तेज होगा। साथ ही यात्री और माल परिवहन को गति मिलने से उद्योग, व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस कार्य के कारण कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया है। 22 जून से 3 जुलाई तक रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू, बिलासपुर-गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू, बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू समेत कई स्थानीय ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 21 जून से 2 जुलाई तक रायपुर-गेवरा रोड मेमू और रायपुर-कोरबा पैसेंजर भी नहीं चलेगी। इसके अलावा कोरबा-रायपुर और गेवरा रोड-रायपुर जैसी सेवाएं भी निर्धारित अवधि तक प्रभावित रहेंगी।

रेलवे ने जानकारी दी है कि 1 जुलाई 2026 को कोरबा से चलने वाली कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे की देरी से रवाना होगी।

कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से संचालित किया जाएगा। गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर 22 जून से 3 जुलाई तक केवल बिलासपुर तक चलेगी, जबकि झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू इसी अवधि में बिलासपुर से ही शुरू होगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था भी की है। कोरबा से चलने वाली कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को 22 जून से 3 जुलाई तक कोरबा और बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन की तरह चलाया जाएगा। इसके अलावा कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस की सेवाओं को भी इसी अवधि में कोरबा-बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में संचालित किया जाएगा।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवाओं के माध्यम से अपनी ट्रेन की सही स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।