स्क्रैप बिक्री में उत्तर मध्य रेलवे ने बनाया नया रिकॉर्ड, तीन महीने में कमाए 103.96 करोड़ रुपये

उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्क्रैप यानी कबाड़ के निस्तारण और बिक्री से रिकॉर्ड 103.96 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। यह प्रदर्शन पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में हुई 47.94 करोड़ रुपये की बिक्री की तुलना में लगभग 117 प्रतिशत अधिक है।

रेलवे बोर्ड द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 285 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले उत्तर मध्य रेलवे ने शुरुआती तीन महीनों में ही बड़ी सफलता हासिल करते हुए लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि को रेलवे प्रशासन की प्रभावी कार्यप्रणाली और बेहतर संसाधन प्रबंधन का परिणाम माना जा रहा है।

इस सफलता के पीछे नरेश पाल सिंह के कुशल नेतृत्व और एस. पी. द्विवेदी के रणनीतिक मार्गदर्शन को अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के निर्देशन में स्क्रैप निस्तारण की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे रेलवे को रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ।

गौरतलब है कि रेलवे परिसरों, कारखानों और स्टेशनों को स्वच्छ, सुरक्षित और कबाड़ मुक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा देशभर में ?जीरो स्क्रैप मिशन? चलाया जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे इस अभियान को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

स्क्रैप की पारदर्शी ई-नीलामी और त्वरित निस्तारण से रेलवे को जहां भारी राजस्व मिल रहा है, वहीं रेलवे की मूल्यवान भूमि और कार्यस्थलों को कबाड़ मुक्त बनाकर उनका बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार आने वाले महीनों में भी स्क्रैप की ई-नीलामी और निस्तारण की प्रक्रिया इसी गति से जारी रहेगी। उत्तर मध्य रेलवे ने जीरो स्क्रैप लक्ष्य हासिल करने, अधिकतम राजस्व अर्जित करने और अपने सभी परिसरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।