योग से बढ़ती है कार्यक्षमता और सकारात्मक सोच, रेलवे अधिकारियों को मिला स्वस्थ जीवन का संदेश

योग से बढ़ती है कार्यक्षमता और सकारात्मक सोच, रेलवे अधिकारियों को मिला स्वस्थ जीवन का संदेश

जोधपुर, 8 जून। कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। यह बात विवेकानंद शिला स्मारक एवं विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के जीवनव्रती कार्यकर्ता रवि शर्मा ने सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान कही।

कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर रवि शर्मा ने अधिकारियों को योग के महत्व, उसके व्यावहारिक लाभों तथा दैनिक जीवन में उसके प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास का माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है तथा कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आता है। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं योग को अपनाने और कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

योग एवं आध्यात्मिक साधना के क्षेत्र में चार दशकों से सक्रिय रवि शर्मा ने बताया कि अब तक वे देशभर में एक हजार से अधिक योग कक्षाओं और कार्यशालाओं का संचालन कर चुके हैं। वर्तमान में वे विवेकानंद केंद्र के योग विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने योग की विभिन्न विधाओं की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजयोग मन और चित्त को नियंत्रित करने का मार्ग दिखाता है, जबकि हठयोग शारीरिक स्वास्थ्य और संतुलन को मजबूत बनाता है। कर्मयोग निःस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करता है, भक्तियोग समर्पण और श्रद्धा का मार्ग प्रशस्त करता है तथा ज्ञानयोग आत्मबोध और सत्य की खोज की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि ध्यान योग और प्राणायाम व्यक्ति की मानसिक शांति, ऊर्जा, एकाग्रता और आत्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित योगाभ्यास से कार्यस्थल पर सकारात्मक सोच विकसित होती है, तनाव प्रबंधन बेहतर होता है और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है।

कार्यक्रम की शुरुआत में डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने रवि शर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि उनके व्यापक अनुभव और मार्गदर्शन से रेलवे अधिकारियों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों ने भाग लेकर योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

योग और स्वस्थ जीवनशैली पर केंद्रित यह कार्यक्रम रेलवे अधिकारियों के लिए प्रेरणादायी साबित हुआ तथा स्वस्थ, ऊर्जावान और तनावमुक्त कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।