विश्व पर्यावरण दिवस पर अहमदाबाद मंडल की बड़ी पहल, वटवा से साबरमती तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

अहमदाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वटवा से साबरमती रेलवे स्टेशन के बीच ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की योजना का शुभारंभ किया। मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने 100 पौधों का रोपण कर इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत की।

अहमदाबाद मंडल द्वारा 15 मई से 5 जून 2026 तक आयोजित 21 दिवसीय विश्व पर्यावरण दिवस अभियान का समापन बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, स्वच्छता और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के साथ किया गया। अभियान के दौरान मंडल क्षेत्र में 1200 से अधिक पौधे लगाए गए, जबकि अहमदाबाद और साबरमती रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों एवं नागरिकों के बीच 400 पौधों का वितरण किया गया।

समापन समारोह वटवा स्थित आरपीएफ बैरक परिसर में आयोजित हुआ, जहां डीआरएम वेद प्रकाश, पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा शेफाली गुप्ता, महिला कल्याण समिति की सदस्याओं, शाखा अधिकारियों और रेल कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत वटवा से साबरमती रेलवे स्टेशन तक रेलवे ट्रैक के दोनों ओर चरणबद्ध तरीके से बड़ी संख्या में वृक्ष लगाए जाएंगे। इस अभियान में रेलवे कर्मचारी सक्रिय भागीदारी करेंगे। परियोजना का उद्देश्य रेलवे परिसरों और रेल मार्गों के आसपास हरित आवरण बढ़ाना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि रेलवे कर्मचारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नीम, गुलमोहर, अशोक और एरिका पाम जैसे पर्यावरण-अनुकूल वृक्ष लगाएंगे। उन्होंने कहा कि इन वृक्षों के विकसित होने पर यात्रियों को रेल यात्रा के दौरान एक आकर्षक हरित पट्टी का अनुभव होगा। साथ ही वृक्षारोपण रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे ट्रेन संचालन, सिग्नलिंग प्रणाली और ओवरहेड विद्युत तारों पर कोई प्रभाव न पड़े।

21 दिवसीय अभियान में चला व्यापक जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के दौरान स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक उन्मूलन पर विशेष फोकस रखा गया। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा यात्रियों को प्लास्टिक के कम उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

स्टेशनों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा पृथक्करण व्यवस्था को मजबूत किया गया। स्थानीय समुदायों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जैविक अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए।

प्लास्टिक न्यूनीकरण अभियान के तहत प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों की समीक्षा की गई तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के पालन के लिए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विक्रेताओं और आमजन को माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

जल और ऊर्जा संरक्षण पर विशेष बल

अभियान के दौरान रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल पुनर्चक्रण प्रणाली और जलाशयों की सफाई को बढ़ावा दिया गया। ऊर्जा संरक्षण के लिए एलईडी लाइटों के उपयोग, एयर कंडीशनर के संतुलित उपयोग तथा बिजली बचत के प्रति जागरूकता अभियान चलाए गए।

मिशन लाइफ के अंतर्गत स्कूलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय निकायों के सहयोग से रीसाइक्लिंग, कंपोस्टिंग और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही ई-कचरा प्रबंधन और उसके सुरक्षित निस्तारण के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस के समापन समारोह में अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया।

अहमदाबाद मंडल ने दोहराया कि वह पर्यावरण संरक्षण, जल एवं ऊर्जा बचत तथा सतत विकास के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और ?मिशन लाइफ? के सिद्धांतों को अपनाकर जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।