विश्व पर्यावरण दिवस से पहले मध्य रेल का मेगा अभियान, 12 दिनों में नुक्कड़ नाटक, रैलियां और प्लास्टिक मुक्त पहल

मुंबई। विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में मध्य रेल द्वारा 15 मई से शुरू किया गया पर्यावरण जागरूकता अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के तहत मुंबई, भुसावल, नागपुर, पुणे और सोलापुर मंडलों समेत विभिन्न कार्यशालाओं में पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने के उद्देश्य से व्यापक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

अभियान के नौवें से बारहवें दिन तक रेलवे स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैलियां, सेमिनार, चित्रकला प्रतियोगिताएं और हस्तक्षेप कार्यक्रम आयोजित किए गए। भुसावल और शेगांव स्टेशनों पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया, जबकि नासिक रोड, अकोला और बल्हारशाह स्टेशनों पर यात्रियों को प्लास्टिक के उपयोग से बचने और जूट के थैले अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

मुंबई मंडल ने स्टेशन विक्रेताओं पर सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के पालन की निगरानी तेज की और यात्रियों को पुन: उपयोग योग्य पानी की बोतलों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया। पुणे स्टेशन पर स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया गया, जबकि घोरपड़ी कोचिंग कॉम्प्लेक्स में पर्यावरण विषयक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई।

सोलापुर मंडल में नई प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीन का उद्घाटन किया गया तथा पंढरपुर और कलबुर्गी स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण का संदेश दिया गया। वहीं, रेलवे अधिकारियों ने विभिन्न स्टेशनों पर जल गुणवत्ता की जांच कर यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया।

माटुंगा वर्कशॉप में कर्मचारियों को माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टिक पैकेजिंग के सुरक्षित निपटान की जानकारी दी गई, जबकि नासिक रोड स्थित ट्रैक्शन मशीन वर्कशॉप में औद्योगिक कचरा पृथक्करण और ऊर्जा दक्षता पर तकनीकी संगोष्ठी आयोजित की गई।

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल निला ने बताया कि रेलवे सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यात्रियों से रेलवे परिसरों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।