जोधपुर को मिलेगी नई रफ्तार: बिछेगी तीसरी रेल लाइन, पुलों के आधुनिकीकरण से बढ़ेगी सुरक्षा

जोधपुर। रेलवे ने जोधपुर और भगत की कोठी के बीच रेल यातायात को और अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लगभग 4 किलोमीटर लंबे खंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 24.15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के तहत तीसरी रेल लाइन का निर्माण गति शक्ति इकाई के माध्यम से कराया जाएगा। इसके साथ ही शहर की दो पुरानी स्टील गर्डर पुलियों को आधुनिक आरसीसी बॉक्स संरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इस कार्य के लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है और सर्वेक्षण तथा तकनीकी डिजाइन तैयार करने का कार्य तेजी से जारी है।उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में रेलवे मुख्यालय को भेजे गए प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को गति दी गई है। पुलियों के आधुनिकीकरण से न केवल उनकी मजबूती बढ़ेगी बल्कि पुलों के नीचे से गुजरने वाले लोगों और वाहनों को ट्रेनों से गिरने वाले पानी की समस्या से भी राहत मिलेगी। इससे सुरक्षा और सुविधा दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।रेलवे ने ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) से जुड़े विद्युत कार्यों के लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के विभिन्न चरणों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

रेल संचालन होगा अधिक सुचारु

वर्तमान में जोधपुर-भगत की कोठी रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों का दबाव काफी अधिक रहता है। कई बार ट्रेनों को सिग्नल या क्रॉसिंग के कारण प्रतीक्षा करनी पड़ती है। तीसरी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और समयपालन में सुधार आएगा।

नई लाइन से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से अलग-अलग किया जा सकेगा। जोधपुर यार्ड और भगत की कोठी स्टेशन पर रेक मूवमेंट तेज होगी तथा ट्रैफिक दबाव कम होगा। साथ ही रेलवे के रखरखाव कार्यों के दौरान भी ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होगा क्योंकि अतिरिक्त लाइन उपलब्ध रहेगी।

शहर को भी मिलेगा लाभ

परियोजना के तहत रेलवे पुलों और अंडरब्रिजों में होने वाले सुधार का सीधा फायदा शहर की यातायात व्यवस्था को भी मिलेगा। आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा तथा भविष्य में बढ़ते रेल और सड़क यातायात को संभालने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल जोधपुर के रेल नेटवर्क को नई मजबूती देगी, बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र के आर्थिक और परिवहन विकास की आधारशिला भी बनेगी।